facebook pixel
विज्ञापन
Home  dharm  vrat  anant chaturdashi par anant sutra kis hath mein bandhna chahiye janiye sahi niyam

Anant Chaturdashi: अनंत चतुर्दशी पर अनंत सूत्र किस हाथ में बांधना चाहिए? जानें सही नियम

जीवांजलि, धर्म डेस्कPublished by:
Shakshi
सार

Anant Chaturdashi: अनंत सूत्र सामान्य धागे से अलग होता है। इसे विशेष रूप से पूजा के लिए तैयार किया जाता है और इसमें 14 गांठें लगाई जाती हैं। कई परंपराओं में इसे सूत या रेशम के धागे से बनाकर हल्दी या केसर से रंगने की बात कही गई है।

Anant Chaturdashi
Anant Chaturdashi: अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा करने के साथ अनंत सूत्र धारण करने की परंपरा है। यह सूत्र आमतौर पर 14 गांठों वाला होता है और पूजा के बाद हाथ की भुजा पर बांधा जाता है। लेकिन अनंत सूत्र को लेकर अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि इसे दाहिने हाथ में बांधना चाहिए या बाएं हाथ में? पुरुष और महिलाओं के लिए क्या इसका नियम अलग है? क्या आपने कभी सोचा है कि अनंत सूत्र बांधने का सही तरीका क्या है? आइए जानते हैं।

पुरुष दाहिने हाथ में बांधें

धार्मिक परंपरा के अनुसार, पुरुषों को अनंत सूत्र दाहिने हाथ की भुजा पर बांधना चाहिए। वहीं, महिलाओं के लिए इसे बाएं हाथ की भुजा पर बांधने की परंपरा है। अनंत सूत्र को पूजा के बाद विधि-विधान से धारण किया जाता है, इसलिए अगर आप अनंत चतुर्दशी के दिन अनंत सूत्र बांधने जा रहे हैं तो पुरुष दाहिनी भुजा और महिलाएं बाईं भुजा पर इसे धारण कर सकती हैं। हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में इसकी परंपरा में कुछ अंतर भी देखने को मिलता है। ऐसी स्थिति में अपने परिवार की प्रचलित धार्मिक परंपरा का पालन किया जाता है। 

 

vishnu ji

अनंत सूत्र में होती हैं 14 गांठें

अनंत सूत्र सामान्य धागे से अलग होता है। इसे विशेष रूप से पूजा के लिए तैयार किया जाता है और इसमें 14 गांठें लगाई जाती हैं। कई परंपराओं में इसे सूत या रेशम के धागे से बनाकर हल्दी या केसर से रंगने की बात कही गई है। इसके बाद भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा में इसे अर्पित किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, अनंत सूत्र की 14 गांठों को 14 लोकों का प्रतीक माना जाता है। इन्हीं कारणों से अनंत चतुर्दशी के दिन 14 गांठों वाले सूत्र को विशेष धार्मिक महत्व दिया जाता है। 

पूजा के बाद ही बांधें अनंत सूत्र

अनंत सूत्र को सीधे हाथ में बांधने के बजाय पहले भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा करने की परंपरा है। पूजा के दौरान अनंत सूत्र को भगवान के सामने रखा जाता है और विधि-विधान से पूजन किया जाता है। इसके बाद इसे धारण किया जाता है। पूजा के समय भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए ‘ॐ अनंताय नमः’ मंत्र का जाप भी किया जाता है। इसके बाद श्रद्धापूर्वक अनंत सूत्र को पुरुष दाहिनी और महिलाएं बाईं भुजा पर बांधती हैं। 

 

Anant Chaturdashi

अनंत सूत्र बांधते समय रखें ध्यान

अनंत सूत्र को श्रद्धा और संकल्प के साथ बांधना चाहिए। इसे पूजा के बाद ही धारण करने की परंपरा है। सूत्र में लगी गांठों को खोलना या उसके साथ अनावश्यक छेड़छाड़ करना उचित नहीं माना जाता। इसके अलावा अनंत सूत्र कितने समय तक धारण करना है, इसे लेकर भी अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रों में अलग परंपराएं मिलती हैं। इसलिए इस मामले में अपने घर की परंपरा को प्राथमिकता दी जा सकती है।

अनंत चतुर्दशी 2026 कब है?

पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर, शुक्रवार को मनाई जाएगी। चतुर्दशी तिथि 24 सितंबर की रात से शुरू होकर 25 सितंबर की रात तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा के बाद अनंत सूत्र धारण करने की परंपरा है। इसी दिन गणेश उत्सव का समापन भी होता है और कई स्थानों पर गणपति विसर्जन किया जाता है। 


यह भी पढ़ें-

Shivling Parikrama: शिवलिंग की परिक्रमा पूरी क्यों नहीं की जाती? जानें धार्मिक मान्यता और इसका कारण 

Shivling Puja: शिवलिंग पर क्यों चढ़ाया जाता है कच्चा दूध? जानिए धार्मिक महत्व 

Sawan 2026: सावन में शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने का सही नियम क्या है? जानिए धार्मिक मान्यता 

(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।)

धार्मिक कहानियां सुनने और पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।

WhatsApp Channel