May Month 2025 Grah Gochar : वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुल ग्रहों की संख्या 9 बताया गया है। वहीं कुल राशियों की संख्या 12 है। सभी राशियों के अपने-अपने स्वामी ग्रह भी है।
May Month 2025 Grah Gochar : वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुल ग्रहों की संख्या 9 बताया गया है। वहीं कुल राशियों की संख्या 12 है। सभी राशियों के अपने-अपने स्वामी ग्रह भी है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सभी ग्रह एक निश्चित समय पर अपनी-अपनी राशि और नक्षत्र परिवर्तन करते हैं। ग्रहों के राशि और नक्षत्र परिवर्तन करने से पृथ्वी पर मौजूद सभी प्राणियों पर सकरात्मक और नकारात्मक प्रभाव भी पड़ता है। इसके साथ ही सभी 12 राशियों पर भी कुछ न कुछ प्रभाव पड़ता है।
वैदिक पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह में किसी न किसी ग्रह का खास राशि परिवर्तन होता है। जिससे कुछ राशियों पर सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव भी पड़ता है। बता दें कि मई महीने में कई ग्रह अपनी राशि परिवर्तन करने वाले हैं। साथ ही एक दूसरे के साथ संयोग भी करने वाले हैं। तो आज इस खबर में जानेंगे कि मई के महीने में कौन-कौन से ग्रह अपनी राशि परिवर्तन करने वाले हैं। इसके साथ ही ये भी जानेंगे कि आखिर गोचर क्या होता है। आइए इन सभी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
क्या होता है गोचर
किसी भी ग्रह का एक राशि से दूसरी राशि में जाने की घटना का पता चलता है। सबसे तेज चलने वाली चाल की वजह से एक राशि चंद्रमा में केवल दो दिन और धीमी चाल होने की वजह से एक राशि पर शनि देव एक राशि में ढाई साल तक रहते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सभी ग्रह अपना-अपना तय समय पर एक राशि से दूसरी राशि में स्थित होते हैं।
मई में कौन-कौन से ग्रह करेंगे राशि परिवर्तन
वैदिक ज्योतिष की दृष्टी से साल 2025 में मई माह काफी खास और महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। क्योंकि मई महीने में चार बड़े ग्रह एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करेंगे। बता दें कि 6 मई को ग्रहों के राजकुमार बुध देव मेष राशि में गोचर करेंगे। सभी नौ राशियों में से प्रमुख देवताओं के गुरु माने जाने वाले देव गुरु बृहस्पति 14 में को वृषभ राशि से लेकर मिथुन राशि में गोचर होंगे।
वैदिक पंचांग के अनुसार, 15 मई को ग्रहों के राजा सूर्य का गोचर वृषभ राशि में गोचर करेंगे। इसके कुछ दिन बाद यानी 18 मई को राहु और केतु ग्रह अपनी राशि परिवर्तन करेंगे। 18 वर्ष की प्रतीक्षा के बाद राहु कुम्भ राशि में और केतु सिंह राशि में जाएंगे। भोग एवं विलासिता का कारक शुक्र देव 31 मई को मेष राशि में रहेंगे।