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Shree Krshn Ka Bachapan : ब्रज क्षेत्र के किस महल में बीता था श्री कृष्ण का बचपन, जानें इसका रहस्य

जीवांजलिPublished by:
राघवेंद्र तिवारी
सार

Shree Krshn Ka Bachapan Kaha Bita: भगवान श्री कृष्ण की नगरी मथुरा एक ऐसी जगह है, जहां पर लाखों लोग भगवान श्री कृष्ण के भव्य और विशाल मंदिरों को देखने के लिए आते हैं।

Shree Krshn Ka Bachapan Kaha Bita
Shree Krshn Ka Bachapan Kaha Bita: भगवान श्री कृष्ण की नगरी मथुरा एक ऐसी जगह है, जहां पर लाखों लोग भगवान श्री कृष्ण के भव्य और विशाल मंदिरों को देखने के लिए आते हैं। इसके साथ ही भगवान श्री कृष्ण के उन स्थानों के दर्शन करने आते हैं, जहां इन्होंने कोई न कोई लीला की है। भगवान श्री कृष्ण जिन-जिन स्थानों पर लीला किए हैं उनमें से कई स्थान आज भी मथुरा और ब्रज क्षेत्र में मौजूद हैं। ऐसी ही एक जगह है गोकुल गांव, जहां वासुदेव जी भगवान कृष्ण को टोकरी में रखकर नंद बाबा के घर लाए थे।

गोकुल के ठकुरानी घाट पर श्री नंद बाबा भवन स्थित है। मान्यताओं के अनुसार यह भवन उसी स्थान पर बना है, जहां करीब 5500 साल पहले नंद बाबा का घर था। भगवान कृष्ण ने अपनी बचपन की कई लीलाएं इसी घर से की थीं। मंदिर के सेवायत मथुरा दास पुजारी ने बताया कि नंद बाबा के पास लाखों की संख्या में गायें थीं। जिस कारण इस स्थान का नाम गोकुल पड़ा। बाद में इस गांव का नाम बदलकर गोकुल रख दिया गया।

यहां बीता था श्रीकृष्ण का बचपन

वैदिक पुराणों के अनुसार, यमुना नदी के पास स्थित यह वही स्थान है, जहां द्वापर में नंद बाबा का घर हुआ करता था। बता दें कि इसके साथ ही इस मंदिर का निर्माण भी हुआ करता था। इस मंदिर का निर्माण करीब 500 साल पहले हुआ था। इस मंदिर के ठीक बगल में यमुना नदी बहती है। 

इसके साथ ही इस मंदिर में पूरा नंद परिवार भी देखने को मिलता है। जिसमें सबसे बड़ा स्वरूप बलराम जी और नंद यशोदा का है। साथ ही भगवान कृष्ण बाल रूप में झूले पर विराजमान हैं। 

इस मंदिर में आने पर सभी भक्त भगवान को झूला जरूर झुलाते हैं। मान्यता है कि जिस भी भक्त के साथ-साथ विवाहित जोड़े को कोई संतान नहीं होती है, उनकी संतान प्राप्ति की इच्छा भी इस मंदिर में आकर भगवान कृष्ण को झूला झुलाने से पूरी होती है।

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