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Panchak 2025: आज से पंचक शुरू, एकादशी, प्रदोष और मासिक शिवरात्रि व्रत पर साया, जानिए कब तक शुभ कार्य पर विराम!

जीवांजलि धर्म डेस्कPublished by:
निधि
सार

April panchak 2025 start and end date: हिंदू पंचांग के अनुसार अप्रैल में पंचक बुधवार, 23 अप्रैल 2025 को सुबह 12:31 बजे शुरू होगा और रविवार, 27 अप्रैल 2025 को सुबह 03:39 बजे समाप्त होगा।
 

Panchak 2025
April Panchak 2025: विवाह, मांगलिक कार्य, नया काम शुरू करना आदि शुभ कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त का विचार अवश्य किया जाता है। ऐसे में इस दौरान पंचक का समय भी ध्यान में रखा जाता है। क्योंकि पंचक के 5 दिन बहुत ही अशुभ माने जाते हैं। इस दौरान किए गए काम अशुभ फल देते हैं। हर महीने 27 दिनों के अंतराल पर पंचक नक्षत्र का चक्र बनता रहता है। आइए जानते हैं अप्रैल 2025 में कब-कब पड़ रहा है पंचक।

अप्रैल पंचक 2025 (April Panchak 2025 Start And End Date)

हिंदू पंचांग के अनुसार अप्रैल में पंचक बुधवार, 23 अप्रैल 2025 को सुबह 12:31 बजे शुरू होगा और रविवार, 27 अप्रैल 2025 को सुबह 03:39 बजे समाप्त होगा।

एकादशी, प्रदोष और मासिक शिवरात्रि व्रत पर पंचक का साया

(Varuthini Ekadashi, Pradosh Shivaratri Vrat Is Under The Shadow Of Panchak 2025)

इस साल 23 अप्रैल यानी आज से शुरू हो रहे पंचक के दौरान तीन बड़े व्रत आएंगे। वरुथिनी एकादशी, प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि व्रत पर पंचक का साया मंडरा रहा है। शास्त्रों के अनुसार पंचक में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है लेकिन इसका पूजा-पाठ और व्रत पर कोई असर नहीं पड़ता है। ऐसे में आप इन तीनों व्रतों में बिना किसी बाधा के पूजा-पाठ कर सकते हैं।

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पंचक का चंद्रमा से संबंध (Panchak Kaise Banae Jaate Hain)

चंद्रमा 27 दिनों में सभी नक्षत्रों का आनंद लेता है, चंद्रमा एक राशि में ढाई दिन और दो राशियों में पांच दिन रहता है। इन पांच दिनों में चंद्रमा धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती नक्षत्रों से गुजरता है और इसी वजह से इन पांच दिनों को पंचक कहा जाता है।

पंचक में क्या नहीं करना चाहिए (What should not be done during Panchak 2025)

- गृह निर्माण

- दक्षिण दिशा की यात्रा

- शव को जलाना, अंतिम संस्कार करना (इसके लिए विशेष नियम हैं)

- बिस्तर बनाना

- लकड़ी खरीदना

- विवाह, गृहप्रवेश आदि शुभ कार्य

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पंचक के 5 प्रकार (Types of Panchak 2025)

पंचक के 5 प्रकार होते हैं। शास्त्रों में दिन के अनुसार पंचक का नाम तय किया गया है। हर पंचक का अलग-अलग अर्थ और महत्व होता है।

रविवार - रोग पंचक

सोमवार - राज पंचक

मंगलवार - अग्नि पंचक

शुक्रवार - चोर पंचक

शनिवार - मृत्यु पंचक

बुधवार और रविवार से शुरू होने वाले पंचक में कई शुभ कार्य भी वर्जित होते हैं।

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