Saraswati Puja Vidhi: हर साल की तरह इस साल भी माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का त्योहार मनाया जाएगा। बसंत पंचमी को श्री पंचमी भी कहा जाता है। इस दिन ज्ञान, कला और विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा की जाती है। बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा करना भी विशेष फलदायी माना जाता है। लेकिन, इसके लिए एक विधि है। विधिवत पूजा करने से जीवन में सफलता मिलती है।
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस साल बसंत पंचमी का त्योहार पूरे देश में 3 फरवरी को मनाया जाएगा। मां सरस्वती को सफेद चीजें बहुत पसंद हैं। बसंत पंचमी के दिन जातक को सफेद कपड़े पहनने चाहिए और सफेद फूल के साथ-साथ दूध से बना भोग भी चढ़ाना चाहिए। ऐसा करने से मां सरस्वती बहुत प्रसन्न होती हैं।
ऐसे करें मां सरस्वती की पूजा
सुबह स्नान करके पूजा स्थल पर गंगाजल छिड़कें। इसके साथ ही चौकी पर पीला या सफेद कपड़ा बिछाकर मां सरस्वती की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। उसके बाद भगवान गणेश और नवग्रह की पूजा करें। बाद में पंचोपचार विधि से देवी सरस्वती की पूजा करें।
सबसे पहले केसर, चंदन जैसे अष्टगंध लगाएं। फिर देवी सरस्वती को पीले या सफेद फूल चढ़ाएं। देवी को धूप और दीप दिखाएं और सरस्वती वंदना मंत्र का जाप करें। फिर देवी को सफेद या पीले रंग का भोग लगाएं जैसे दूध से बनी खीर, केसर के लड्डू, बेर आदि।
भोग लगाने के बाद देवी सरस्वती की आरती करें। इस विधि से आप अपने घर, स्कूल, कॉलेज आदि में सरस्वती पूजा कर सकते हैं। इससे देवी सरस्वती बेहद प्रसन्न होती हैं। इसके साथ ही माता सरस्वती अपने भक्तों का आशीर्वाद भी मिलता है। जो जातक बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की पूजा करते हैं उनके ज्ञान में वृद्धि होती है।
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