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Sadhvi Krishnapriya ji: वो स्थान, जहां आज भी आते हैं महादेव, साध्वी कृष्णप्रिया जी ने बताया रहस्य

जीवांजलि धर्म डेस्कPublished by:
नीरज के. पटेल
सार

Shiva Sadhana: आज भी विशेष अवसर पर यहां शिव की अग्नि ज्योति का अद्भुत दर्शन माना जाता है। विशेष रूप से मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के समय, संध्या के आसपास अरुणाचल पर्वत की चोटी पर विशाल अग्नि प्रज्वलित की जाती है।
 

Sadhvi Krishnapriya ji
Shiva Spirituality: अगर कभी जीवन में सौभाग्य मिले, तो अरुणाचल की पवित्र भूमि के दर्शन अवश्य करने चाहिए। साध्वी कृष्णप्रिया जी कहती हैं कि अरुणाचलम महादेव का ऐसा दिव्य स्थान है, जहां भगवान शिव आज भी अग्नि स्वरूप में विराजमान माने जाते हैं। यह स्थान केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि साधना, भक्ति और शिव की अनंत शक्ति का प्रतीक माना जाता है।

मान्यता है कि इसी पवित्र अरुणाचल पर्वत पर माता पार्वती ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कठोर साधना और ध्यान किया था। उनकी भक्ति इतनी गहरी थी कि उन्होंने स्वयं को पूरी तरह भगवान शिव की साधना में समर्पित कर दिया। उनकी तपस्या के फलस्वरूप भगवान शिव ने उन्हें दर्शन दिए और उनकी साधना पूर्ण हुई। इसी कारण अरुणाचलम को शिव और शक्ति की दिव्य उपस्थिति से जुड़ा अत्यंत पवित्र स्थान माना जाता है।

अग्नि स्तंभ के रूप में प्रकट हुए शिव

अरुणाचलम की सबसे विशेष मान्यता भगवान शिव के अग्नि स्वरूप से जुड़ी हुई है। धार्मिक परंपरा में कहा जाता है कि भगवान शिव यहां अनंत अग्नि स्तंभ के रूप में प्रकट हुए थे। यह अग्नि स्तंभ शिव के उस स्वरूप का प्रतीक है, जिसका न आदि है और न अंत। इसी कारण यहां भगवान शिव की पूजा ज्योति और अग्नि के रूप में की जाती है।

आज भी दिखाई देती है दिव्य ज्योति

साध्वी कृष्णप्रिया जी बताती हैं कि आज भी विशेष अवसर पर यहां शिव की अग्नि ज्योति का अद्भुत दर्शन माना जाता है। विशेष रूप से मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के समय, संध्या के आसपास अरुणाचल पर्वत की चोटी पर विशाल अग्नि प्रज्वलित की जाती है। दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालु पर्वत के ऊपर इस दिव्य अग्नि के प्रकाश का दर्शन करते हैं और इसे भगवान शिव की ज्योति का प्रतीक मानकर श्रद्धा से नमन करते हैं।

शिवभक्तों के लिए विशेष तीर्थ

अरुणाचलम की आध्यात्मिकता केवल इसकी धार्मिक मान्यताओं में ही नहीं, बल्कि वहां के वातावरण में भी महसूस की जाती है। पर्वत, मंदिर, साधना और भगवान शिव की अग्नि ज्योति मिलकर इस स्थान को अद्भुत बना देते हैं। ऐसा माना जाता है कि यहां श्रद्धा से की गई प्रार्थना और ध्यान मनुष्य को भीतर से शांति प्रदान करते हैं।

जीवन में एक बार अवश्य करें दर्शन

अरुणाचलम महादेव का स्थान शिवभक्तों के लिए आस्था और आध्यात्मिक अनुभव का केंद्र है। यदि जीवन में अवसर मिले, तो इस पवित्र भूमि के दर्शन जरूर करने चाहिए। अग्नि स्वरूप भगवान शिव की महिमा, माता पार्वती की साधना और पर्वत पर दिखाई देने वाली दिव्य ज्योति इस तीर्थ को विशेष बनाती है। यही कारण है कि अरुणाचलम को आज भी भगवान शिव की जीवंत आध्यात्मिक उपस्थिति से जुड़ा हुआ पवित्र धाम माना जाता है।

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