Jagadguru Shri vallabhacharya Ji Maharaj: बता दें कि स्वामी वल्लभाचार्य जी महाराज श्री राम कथा और श्रीमद भागवत कथा के सुमधुर प्रवक्ता हैं। उनकी वाणी और रहनी में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के साथ भगवत प्रेम का दर्शन होता है।
Jagadguru Shri vallabhacharya Ji Maharaj: महाकुंभ का आयोजन 13 जनवरी से शुरू हो चुका है। इसी बीच 27 फरवरी को महाकुंभ में सनातन धर्म संसद का आयोजन हुआ है, जिसमें सनातन धर्म की रक्षा के लिए देश के प्रमुख साधु-संत, महंत और कथावाचक सामने आए। हिंदू संत सनातन धर्म की स्थापना करने के पीछे सनातन धर्म की रक्षा करना है। इसके साथ ही सनातन धर्म से संबंध करने रखने वाले सभी हिंदुओं की रक्षा करना है। गायों की सेवा भी करना है।
27 जनवरी 2025 को महाकुंभ क्षेत्र में हुए संत सनातन धर्म संसद में अयोध्या के एक कथावाचक स्वामी श्री वल्लभाचार्य जी महाराज ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई । इसके साथ ही उन्होंने संत सनातन धर्म को लेकर कुछ बातें भी कहीं। तो आज इस खबर में जानेंगे कि आखिर स्वामी श्री वल्लभाचार्य जी महाराज कौन है और यह संत सनातन धर्म संसद में क्या बोले। आइए जानते हैं।
कौन है स्वामी श्री वल्लभाचार्य जी महाराज
बता दें कि स्वामी वल्लभाचार्य जी महाराज श्री राम कथा और श्रीमद भागवत कथा के सुमधुर प्रवक्ता हैं। उनकी वाणी और रहनी में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के साथ भगवत प्रेम का दर्शन होता है। परम पूज्य श्रीमद जगतगुरु रामानंदचार्य श्री श्री 1008 स्वामी श्री वल्लभाचार्य जी महाराज अयोध्या के निवासी है। स्वामी श्री वल्लभाचार्य जी महाराज जी के श्रीमुख कथा, भजनों और भक्ति प्रवचनों से भक्तों को आनंद प्राप्त होता है।
धर्म संसद को लेकर क्या बोले श्री वल्लभाचार्य जी महाराज
श्री स्वामी वल्लभाचार्य जी महाराज ने कहा कि इस सनातन धर्म संसद से सनातन धर्म के पीछे सड़यत्र करने वाले सभी अनुयायी को समाप्त करने के लिए निर्णय लेने वाले हैं। उन्होंने कहा कि देश के अंदर जितने भी मंदिर हैं उन पर वक्फ बोर्ड का कब्जा हो रहा है। ऐसे में वक्फ बोर्ड को सर्वथा समाप्त करने के लिए यह धर्म संसद का आयोजन किया गया है। उन्होंने हमारी टीम जीवांजली से बातचीत करने के दौरान कहा कि यह किसी के निजी जमीन नहीं है। इसे कोई भी नहीं ले सकता है। इन सभी मंदिरों को संत सनातन धर्म संसद बोर्ड के तहत अपनाया जाएगा। यह भी पढ़ें- Kaun Hai Trilochan Das Ji Maharaj: कौन है त्रिलोचन दास जी महाराज, जानें इनका परिचय