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Devi Maheshwari Ji: जीवन में हम अपना ख्याल कैसे रखें? देवी माहेश्वरी जी ने बताया आसान उपाय

जीवांजलि धर्म डेस्कPublished by:
नीरज के. पटेल
सार

Positive Thinking: जीवन में चाहे कितनी भी जिम्मेदारियां हों, अपने लिए थोड़ा समय जरूर निकालना चाहिए। कुछ समय आराम, ध्यान, प्रकृति के बीच बिताने या अपनी पसंद का काम करने से मन को नई ऊर्जा मिल सकती है। 
 

Devi Maheshwari Ji
Stress Relief Tips: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अपने परिवार, काम और जिम्मेदारियों का ध्यान रखते-रखते कई बार खुद को ही भूल जाते हैं। हम चाहते हैं कि हमारे आसपास रहने वाले सभी लोग खुश रहें, स्वस्थ रहें और उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो। लेकिन इस दौरान हम यह भूल जाते हैं कि दूसरों का ख्याल रखने के लिए सबसे पहले हमारा खुद स्वस्थ और प्रसन्न रहना जरूरी है। देवी माहेश्वरी जी ने अपने संदेश में इसी बात को बेहद सरल तरीके से समझाया है कि जीवन में सबसे पहले हमें अपना ध्यान रखना सीखना चाहिए।

अगर कोई हमारा ख्याल नहीं रखता या हमारी जरूरतों को समझने वाला कोई नहीं है, तो ऐसी स्थिति में हमें स्वयं अपना सहारा बनना चाहिए। अपने स्वास्थ्य, मन और भावनाओं की उपेक्षा करने से धीरे-धीरे हमारी ऊर्जा और शक्ति कम होने लगती है। जब शरीर थका हुआ हो और मन परेशान हो, तब हम न तो अपने परिवार की ठीक से सेवा कर पाते हैं और न ही दूसरों की मदद कर पाते हैं। इसलिए अपने आपको स्वस्थ रखना स्वार्थ नहीं, बल्कि एक जरूरी जिम्मेदारी है।

अपने आपसे प्रेम करना सीखें

अपने ख्याल रखने की शुरुआत खुद से प्रेम करने से होती है। अक्सर हम दूसरों की गलतियों को माफ कर देते हैं, लेकिन अपनी छोटी-छोटी गलतियों के लिए खुद को दोष देते रहते हैं। हमें अपने प्रति भी वही प्रेम और समझ रखनी चाहिए, जो हम अपने प्रियजनों के प्रति रखते हैं। अपनी जरूरतों को समझना, आराम के लिए समय निकालना और अपनी भावनाओं को महत्व देना आत्म-प्रेम का ही हिस्सा है।

अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित रखें

स्वस्थ जीवन के लिए सही दिनचर्या बहुत महत्वपूर्ण है। समय पर सोना, समय पर उठना, संतुलित भोजन करना और शरीर को पर्याप्त आराम देना हमारी जिम्मेदारी है। लगातार काम करते रहना ही सफलता नहीं है। शरीर को आराम और मन को शांति देना भी उतना ही आवश्यक है। अगर हम अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित रखते हैं, तो हमारा शरीर अधिक ऊर्जावान रहता है और हम अपने काम को बेहतर तरीके से कर पाते हैं।

ध्यान और मेडिटेशन के लिए समय निकालें

देवी माहेश्वरी जी ने मेडिटेशन को भी जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने की बात कही है। दिनभर की व्यस्तता के बीच कुछ समय अपने लिए निकालकर शांत बैठना मन को स्थिर करने में मदद करता है। कुछ मिनट ध्यान करने से व्यक्ति अपने विचारों को समझ पाता है और मानसिक तनाव को कम करने का प्रयास कर सकता है। इसके लिए किसी विशेष व्यवस्था की जरूरत नहीं है। शांत स्थान पर बैठकर कुछ समय अपने मन को स्थिर करना भी एक अच्छी शुरुआत हो सकती है।

खुद को स्वस्थ रखकर दूसरों की सेवा करें

ईश्वर ने हमें जो जीवन दिया है, उसका उपयोग केवल अपने लिए नहीं, बल्कि दूसरों के कल्याण के लिए भी किया जा सकता है। हम अपने परिवार की सेवा कर सकते हैं, जरूरतमंदों की सहायता कर सकते हैं और अपने आसपास के लोगों का ध्यान रख सकते हैं। लेकिन यह तभी संभव है, जब हम स्वयं ठीक रहें। इसलिए अपने शरीर और मन को स्वस्थ रखना दूसरों के प्रति हमारी जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभाने की पहली सीढ़ी है।

खुद को समय देना भी जरूरी

जीवन में चाहे कितनी भी जिम्मेदारियां हों, अपने लिए थोड़ा समय जरूर निकालना चाहिए। कुछ समय आराम, ध्यान, प्रकृति के बीच बिताने या अपनी पसंद का काम करने से मन को नई ऊर्जा मिल सकती है। जब हम भीतर से शांत और मजबूत होते हैं, तो जीवन की कठिन परिस्थितियों का सामना भी अधिक धैर्य के साथ कर पाते हैं।

जीवन में आ सकते हैं सकारात्मक बदलाव

अपने ख्याल रखना कोई कठिन काम नहीं है। इसकी शुरुआत छोटी-छोटी आदतों से की जा सकती है। खुद से प्रेम करना, अपनी दिनचर्या को सही रखना, शरीर को आराम देना और प्रतिदिन कुछ समय मेडिटेशन के लिए निकालना जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। याद रखें, जब हम स्वयं स्वस्थ, शांत और खुश रहते हैं, तभी हम अपने परिवार और समाज के लिए बेहतर तरीके से कुछ कर पाते हैं। इसलिए दूसरों का ख्याल रखने के साथ-साथ खुद का ख्याल रखना भी जीवन की सबसे जरूरी जिम्मेदारियों में से एक है।

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