Uttarakhand Justice Temple : उत्तराखंड की पावन धरती बागेश्वर को धर्म की नगरी के नाम से जाना जाता है। यहां कई ऐसे अद्भुत और रहस्यमयी मंदिर हैं, जो आस्था का केंद्र हैं। यहां एक ऐसा मंदिर भी है, जहां न्याय मिलता है।
Uttarakhand Justice Temple : उत्तराखंड की पावन धरती बागेश्वर को धर्म की नगरी के नाम से जाना जाता है। यहां कई ऐसे अद्भुत और रहस्यमयी मंदिर हैं, जो आस्था का केंद्र हैं। यहां एक ऐसा मंदिर भी है, जहां न्याय मिलता है। बाबा कालभैरव का प्राचीन मंदिर, जिन्हें काशी का कोतवाल भी कहा जाता है। मान्यता है कि यह मंदिर भक्तों को मानसिक शांति तो देता ही है, साथ ही न्याय भी प्रदान करता है।
पौराणिक मान्यता के अनुसार बाबा कालभैरव भगवान शिव का रौद्र रूप हैं। वे बुराई का अंत करने और अपने भक्तों की रक्षा करने के लिए जाने जाते हैं। बागेश्वर का यह मंदिर कई सालों वर्षों से आस्थावानों के लिए आस्था का प्रतीक बन गया है।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस मंदिर में मात्र एक मुट्ठी उड़द की दाल चढ़ाने से ही श्रद्धालुओं की सारी मनोकामना पूरी हो जाती है। जिन लोगों को किसी कारणवश न्याय नहीं मिल पा रहा है। उनके लिए यह मंदिर बहुत काम का है।
उड़द की दाल चढ़ाने से पूरी होती है मनोकामना
अगर किसी का काम लंबे समय से अटका हुआ है। कोर्ट-कचहरी के मामले चल रहे हैं या जीवन में कोई बाधा आ रही है, तो बाबा कालभैरव के दरबार में उड़द की दाल चढ़ाने से राहत मिलती है। कई भक्त मांस का भोग लगाने के बाद अपने संकल्प के अनुसार बाबा को विशेष भोग भी लगाते हैं। तांत्रिक पूजा में भी कालभैरव को मांस और मदिरा का भोग लगाया जाता है, लेकिन कई भक्त शुद्धता का पालन करते हुए उड़द और चावल की खिचड़ी का भोग लगाते हैं। यह मंदिर सात्विक पूजा करने वाले भक्तों के लिए बहुत ही ज्यादा उपयुक्त है।