
| क्रांतिकारी इतिहास | चमत्कार और शहादत |
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| प्रसाद की अनोखी परंपरा | घंटी बांधने का रिवाज | चैत्र रामनवमी मेला |
| यहां मन्नत पूरी होने पर बकरे की बलि दी जाती है और मांस को मिट्टी की हांडियों (हांडी मटन) में पकाकर बाटी के साथ प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है। | भक्त अपनी मनोकामना पूरी होने पर मंदिर परिसर में घंटी बांधते हैं। | हर साल चैत्र नवरात्रि से शुरू होकर यहां लगभग एक महीने तक चलने वाला विशाल मेला लगता है। |
| सड़क मार्ग | रेल मार्ग | हवाई मार्ग |
| गोरखपुर जंक्शन या देवरिया से बस, टैक्सी या निजी वाहन द्वारा आसानी से पहुंचा जा सकता है। | निकटतम रेलवे स्टेशन चौरी-चौरा है, जो मंदिर से लगभग 5 किमी की दूरी पर है। | गोरखपुर हवाई अड्डा (GOP) सबसे नज़दीकी एयरपोर्ट है। |
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