facebook pixel
विज्ञापन
Home›  dharm›  navratri mein maa kalaratri ki puja ke samay in mantron ka karein jaap jeevan mein bani rahegi sukh shanti

Navratri: नवरात्रि में मां कालरात्रि की पूजा के समय इन मंत्रों का करें जाप, जीवन में बनी रहेगी सुख-शांति!

जीवांजलि धर्म डेस्कPublished by:
नीरज के. पटेल
सार

Maa Kalaratri Puja: नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा करते समय मन में किसी के प्रति द्वेष न रखें और सभी के कल्याण की कामना करें। 

Maa Kalaratri Puja
Seventh Day of Navratri: शारदीय नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। नवरात्रि के सातवें दिन मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। मां कालरात्रि को शक्ति, साहस और नकारात्मक शक्तियों का नाश करने वाली देवी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि की सच्चे मन से पूजा करने से भक्तों के भय दूर होते हैं और जीवन में सुख-शांति तथा सकारात्मकता का संचार होता है।

मां कालरात्रि का स्वरूप देखने में अत्यंत उग्र है, लेकिन वे अपने भक्तों पर सदैव कृपा बरसाती हैं। इसी कारण उन्हें शुभ फल देने वाली देवी भी कहा जाता है। मान्यता है कि नवरात्रि में मां कालरात्रि की पूजा और मंत्र जाप करने से व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति मिलती है।

मां कालरात्रि की पूजा कैसे करें?

नवरात्रि के सातवें दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूजा स्थल की साफ-सफाई करके मां कालरात्रि की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। मां को लाल फूल, गुड़, फल और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करें। इसके बाद धूप और दीप जलाकर मां की विधि-विधान से पूजा करें।
पूजा के दौरान मन को शांत रखें और मां कालरात्रि का ध्यान करें। इसके बाद श्रद्धापूर्वक उनके मंत्रों का जाप करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा के समय एकाग्रता और श्रद्धा का विशेष महत्व होता है। पूजा के अंत में मां से परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की प्रार्थना करें।

मां कालरात्रि के मंत्रों का करें जाप

मां कालरात्रि की आराधना के दौरान उनके मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है। भक्त अपनी श्रद्धा और सुविधानुसार इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं।

मां कालरात्रि का ध्यान मंत्र

एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।
लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी॥
वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा।
वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयंकरी॥

मां कालरात्रि का बीज मंत्र

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।

मां कालरात्रि का सरल मंत्र

ॐ देवी कालरात्र्यै नमः।

इन मंत्रों का जाप करते समय मां के स्वरूप का ध्यान करें। आप अपनी श्रद्धा के अनुसार 11, 21 या 108 बार मंत्र जाप कर सकते हैं। मंत्रों का उच्चारण स्पष्ट रखें और मन में मां के प्रति विश्वास बनाए रखें।

मां कालरात्रि की पूजा से मिलती है सुख-शांति

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि की पूजा करने से भय, नकारात्मकता और बाधाओं से मुक्ति पाने की प्रेरणा मिलती है। मां की आराधना भक्तों में साहस, आत्मविश्वास और धैर्य बढ़ाने का प्रतीक है। उनकी कृपा से जीवन में आने वाली कठिनाइयों का सामना करने की शक्ति प्राप्त होने की मान्यता है। नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा करते समय मन में किसी के प्रति द्वेष न रखें और सभी के कल्याण की कामना करें। पूजा-पाठ के साथ अच्छे कर्म, सकारात्मक सोच और दूसरों के प्रति सद्भाव बनाए रखना भी जरूरी है। श्रद्धा और विश्वास के साथ मां कालरात्रि की आराधना करने से भक्तों को मानसिक शांति और आध्यात्मिक संतोष की अनुभूति हो सकती है।

ये भी पढ़ें -  नवरात्रि में दुर्गा पूजा के बाद देवी की मूर्ति का विसर्जन क्यों करते हैं? जानें धार्मिक महत्व

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

धार्मिक कहानियां सुनने और पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।

WhatsApp Channel