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Mata Gol Pahari Temple: झारखंड में स्थित है माता गोल पहाड़ी देवी का मंदिर, जानें क्या है धार्मिक मान्यताएं

जीवांजलिPublished by:
राघवेंद्र तिवारी
सार

Mata Gol Pahari Temple: झारखंड के जमशेदपुर शहर में स्थित माता गोल पहाड़ी मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि अपनी ऐतिहासिक और प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी विशेष स्थान रखता है।  

Mata Gol Pahari Temple
Mata Gol Pahari Temple: झारखंड के जमशेदपुर शहर में स्थित माता गोल पहाड़ी मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि अपनी ऐतिहासिक और प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी विशेष स्थान रखता है। यह मंदिर टाटानगर रेलवे स्टेशन से मात्र 2 किलोमीटर की दूरी पर पहाड़ियों के बीच स्थित है, जो इसे शहर की भीड़-भाड़ से दूर एक शांत और आध्यात्मिक वातावरण प्रदान करता है। तो आज इस खबर में जानेंगे कि मंदिर की स्थापना कब हुई थी, इसकी धार्मिक विशेषताएं क्या है। साथ ही साथ यहां पर जो भक्त पूजा करने के लिए आते हैं उनका अनुभ क्या है। आइए इन सभी के बारे में विस्तार से जानते हैं।

मंदिर का क्या है इतिहास

झारखंड के जमशेदपुर में मां दुर्गा का एक ऐसा मंदिर है, जिसे माता गोल पहाड़ी मंदिर के नाम से जाना जाता है। बता दें कि इस मंदिर में सिर्फ महिला पुजारी ही पूजा-अर्चना करवाती हैं। जमशेदपुर के परसुडीह में माता गोल पहाड़ी का अद्भुत मंदिर पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। मान्यता है कि माता गोल पहाड़ी मंदिर की स्थापना साल 1900 में हुई थी।

मंदिर की धार्मिक विशेषताएं

मंदिर के मुख्य पुजारी के अनुसार, यह मंदिर बहुत प्राचीन और पौराणिक है, जिसकी उत्पत्ति कई दशक पहले हुई थी। इस मंदिर में मुख्य रूप से माता गोल पहाड़ी की पूजा की जाती है, जिनके बारे में माना जाता है कि वे भक्तों की हर मनोकामना पूरी करती हैं। इसके अलावा मंदिर परिसर में बजरंगबली (हनुमान जी), शीतला माता और अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां भी स्थापित हैं, जिनकी विधिवत पूजा भी की जाती है।

मंदिर की प्राकृतिक सुंदरता

मंदिर की खास बात यह है कि ऊंचाई पर स्थित होने के कारण यहां से पूरे जमशेदपुर शहर का मनोरम दृश्य देखा जा सकता है। चारों ओर हरियाली और प्राकृतिक वातावरण भक्तों को आध्यात्मिक शांति के साथ-साथ मानसिक सुकून भी देता है। 

भक्तों का अनुभव 

इस मंदिर में पूजा करने वाले भक्त वह हर शुभ काम की शुरुआत माता गोल पहाड़ी मंदिर से करते हैं। भक्तों के अनुसार, "इस पवित्र स्थान पर सच्चे मन से जो भी मनोकामना मांगी जाती है, वह अवश्य पूरी होती है। यही कारण है कि हर दिन भक्तों की संख्या में वृद्धि हो रही है।

विशेष पूजा और बेहतर सुविधाएं 

नवरात्रि, दुर्गा अष्टमी और रामनवमी जैसे त्योहारों पर यहां विशेष पूजा की जाती है और दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर प्रबंधन साफ-सफाई और दर्शन व्यवस्था का विशेष ध्यान रखता है। साथ ही पहाड़ियों तक पहुंचने के लिए पक्की सीढ़ियां और रास्ता भी बनाया गया है, ताकि बुजुर्ग और बच्चे भी आसानी से मंदिर तक पहुंच सकें।

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