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Mangal Dosh in Kundli: बड़ा खतरनाक हैं मंगल दोष, जानिए इसके लक्षण और उपाय

जीवांजलिPublished by:
राघवेंद्र तिवारी
सार

Mangal Dosh in Kundli: यदि किसी जातक की कुंडली में मंगल ग्रह कमजोर या अशुभ होता है तो इसका प्रभाव जीवन के कई महत्वपूर्ण हिस्सों पर पड़ सकता है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मंगल ग्रह को सभी ग्रहों का सेनापति कहा जाता है जो साहस, शक्ति, ऊर्जा और आत्मविश्वास का प्रतीक है।

Mangal Dosh in Kundli
Mangal Dosh in Kundli: यदि किसी जातक की कुंडली में मंगल ग्रह कमजोर या अशुभ होता है तो इसका प्रभाव जीवन के कई महत्वपूर्ण हिस्सों पर पड़ सकता है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मंगल ग्रह को सभी ग्रहों का सेनापति कहा जाता है जो साहस, शक्ति, ऊर्जा और आत्मविश्वास का प्रतीक है। मंगल के कारण ही व्यक्ति को साहसी निर्णय लेने की क्षमता मिलती है। यह ग्रह अग्नि तत्व से जुड़ा है और इसका रंग लाल है तथा इसकी धातु तांबा है।

मंगल मेष और वृश्चिक राशि का स्वामी है, यह मकर राशि में उच्च और कर्क राशि में नीच का होता है। यानी जब यह अपनी मजबूत स्थिति में होता है तो व्यक्ति को शक्ति और सफलता देता है, लेकिन अगर यह कमजोर है या कुंडली में अशुभ स्थान पर बैठा है तो यह जीवन में कई तरह की परेशानियां खड़ी करता है।

 
Mangal Dosh in Kundli
व्यक्ति बिना वजह गुस्सा करता रहता है, संपत्ति से जुड़े विवाद बढ़ते हैं, विवाह में बाधा आती है और जेल जाने की भी संभावना रहती है। ऐसी स्थिति में मंगल दोष को शांत करना जरूरी हो जाता है। मंगल दोष के कारण जीवन में होने वाली 5 बड़ी घटनाएं

क्रोध और हिंसा की प्रवृत्ति में वृद्धि

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब किसी जातक की कुंडली में मंगल ग्रह अशुभ हो जाता है, तो व्यक्ति का स्वभाव चिड़चिड़ा और आक्रामक हो जाता है। इसके साथ ही वह छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा भी करने लगता है। दूसरों से जल्दी बहस करना - ये सब मंगल के खराब होने के लक्षण हैं।

संपत्ति और जमीन से जुड़े विवाद

मंगल के कमजोर होने पर व्यक्ति को मकान, जमीन या अन्य संपत्ति से जुड़े मामलों में परेशानी का सामना करना पड़ता है। खरीद-फरोख्त में रुकावटें आती हैं और अक्सर विवाद की स्थिति बनती है।

मुकदमेबाजी और विवादों में फंसना

जिन लोगों की कुंडली में मंगल अशुभ होता है, वे बेवजह के झगड़ों और कोर्ट-कचहरी के मामलों में फंस जाते हैं। कई बार जेल जाने की नौबत भी आ जाती है।

रक्त से संबंधित रोग और ऊर्जा की कमी

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मंगल ग्रह का संबंध खून यानी रक्त से होता है। माना जाता है कि जब भी यह ग्रह खराब होता है, तो व्यक्ति को कई तरह की बीमारियां जैसे रक्तचाप, कमजोरी और थकान जैसी अन्य समस्याएं परेशानियां होने लगती हैं।

विवाह में बाधाएँ और वैवाहिक तनाव


 
Mangal Dosh in Kundli
यदि कुंडली में मंगल ग्रह विवाह स्थान को देख रहा हो और अशुभ हो तो विवाह में देरी होती है, विवाह के बाद तनाव और विवाद बढ़ने लगते हैं। इससे वैवाहिक जीवन में अस्थिरता आती है।

मंगल दोष के उपाय

मंगलवार को लाल झंडा चढ़ाएँ

किसी भी मंगलवार को त्रिकोणाकार नारंगी या लाल झंडा लेकर हनुमान मंदिर में चढ़ाएँ। इस उपाय से संपत्ति संबंधी समस्याएँ दूर होती हैं।

मंगलवार को व्रत रखें और नमक न खाएँ

ज्योतिषियों के अनुसार, यदि आपके विवाह में देरी हो रही है और आप इसे दूर करना चाहते हैं तो आप प्रत्येक मंगलवार के दिन व्रत रखें। इसके साथ ही उस दिन नमक का सेवन बिल्कुल भी न करें। शाम को हनुमान जी को सिंदूर और लाल वस्त्र चढ़ाएँ और सुंदरकांड का पाठ करें।

मंगलवार से शुरू करके 27 दिनों तक नियमों का पालन करें

हर सुबह स्नान के बाद सूर्य को जल चढ़ाएँ और हनुमान चालीसा का पाठ करें। सात्विक भोजन करें, मांस-मदिरा से दूर रहें। इस उपाय से मुकदमे और विवादों से मुक्ति मिलती है।

जेल से बचने के उपाय

अगर कुंडली में जेल जाने का डर है तो किसी भी मंगलवार को घर के किसी अंधेरे कोने में किसी भारी वस्तु से कुछ दबा दें और जब तक मामला शांत न हो जाए तब तक उसे न छुएं। हर मंगलवार को अपनी उम्र के बराबर हनुमान चालीसा का पाठ करें।

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