Kharmas 2025 Significance: हिंदू धर्म में खरमास का विशेष महत्व है। खरमास में सूर्य देव की चाल धीमी हो जाती है, इसलिए इस दौरान शुभ कार्य वर्जित होते हैं। आज खरमास का आखिरी दिन है, जिसे बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इस दिन के बाद ही शुभ कार्य शुरू होते हैं।
Kharmas 2025 Significance: हिंदू धर्म में खरमास का विशेष महत्व है। खरमास में सूर्य देव की चाल धीमी हो जाती है, इसलिए इस दौरान शुभ कार्य वर्जित होते हैं। आज खरमास का आखिरी दिन है, जिसे बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इस दिन के बाद ही शुभ कार्य शुरू होते हैं।
इस तिथि से शुरू होंगे शुभ कार्य
पंचांग के अनुसार, 14 अप्रैल से शुभ कार्य शुरू हो जाएंगे। अप्रैल में विवाह के लिए 9 शुभ दिन हैं- (14, 16, 18, 19, 20, 21, 25, 29 और 30 अप्रैल) इन तिथियों पर आप किसी जानकार पंडित से सलाह लेकर कोई भी शुभ कार्य शुरू कर सकते हैं।
खरमास का महत्व
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, खरमास के दौरान सूर्य देव धनु और मीन राशि में गोचर करते हैं। बता दें कि इस दौरान ग्रहों के राजा सूर्य देव की चाल धीमी हो जाती है, जिसके कारण यह समय को शुभ नहीं माना गया है। खरमास में विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश और नए काम शुरू करने जैसे शुभ काम करना अशुभ माना जाता है। मान्यता है कि खरमास में किए गए काम शुभ फल नहीं देते हैं।
खरमास का आखिरी दिन
खरमास का आखिरी दिन बहुत महत्वपूर्ण होता है। खरमास में सूर्य देव मीन राशि से निकलकर मेष राशि में गोचर करते हैं। जब सूर्य का गोचर होता है तो उसके साथ ही साथ खरमास का भी समापन हो जाता है। साथ ही शुभ कार्य फिर से शुरू हो जाते हैं।
खरमास के बाद शुरू होंगे शुभ काम
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, खरमास समाप्त होने के बाद आप कई तरह के शुभ कार्य कर सकते हैं। जैसे- विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश और नए काम शुरू कर सकते हैं। ज्योतिषियों का मानना है कि इस दौरान यानी खरमास के बाद आप कोई भी शुभ काम करने के लिए स्वतंत्र हैं।