Chardham Yatra 2025: आज आनी शुक्रवार को सुबह 7 बजे वृषभ लग्न में केदारनाथ मंदिर के कपाट खुल गया है। अब श्रद्धालुओं बाबा केदार का दर्शन कर सकते हैं। शुक्रवार की सुबह यानी आज केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के दौरान हजारों श्रद्धालु इस पावन क्षण के साक्षी बने।
Chardham Yatra 2025: आज आनी शुक्रवार को सुबह 7 बजे वृषभ लग्न में केदारनाथ मंदिर के कपाट खुल गया है। अब श्रद्धालु बाबा केदार का दर्शन कर सकते हैं। शुक्रवार की सुबह यानी आज केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के दौरान हजारों श्रद्धालु इस पावन क्षण के साक्षी बने। मंदिर के कपाट खुलते ही केदारघाटी हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठी।
कपाट खुलने से कुछ देर पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी केदारनाथ पहुंचे और कपाट खुलने के बाद दर्शन किए। वहीं पीएम मोदी के नाम से धाम में पहली पूजा की गई। केदारनाथ धाम के कपाट आज श्रद्धालुओं के लिए खुलने के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम चल रहे हैं।
हेलीकॉप्टर से श्रद्धालुओं पर की गई पुष्प वर्षा
कपाट खुलते ही हेलीकॉप्टर से श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की गई। इस दौरान सीएम धामी ने कहा कि 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर चार धाम यात्रा शुरू हो गई है। आज से दो दिन बाद भगवान बदरीनाथ विशाल के कपाट भी खुल जाएंगे और यात्रा जोरों पर शुरू हो जाएगी।
हमने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित हो और उन्हें यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और इसके लिए हमने समुचित व्यवस्थाएं की हैं।
सीएम ने कहा कि श्री केदारनाथ धाम को पूरी भव्यता के साथ सजाया गया है। शुक्रवार सुबह विधि-विधान के साथ शुभ मुहूर्त में कपाट खुलने पर श्रद्धालु देवादिदेव महादेव केदारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर सकेंगे।
मेरे लिए यह सौभाग्य का क्षण है कि मैं भी कपाट खुलने के दौरान श्री केदारनाथ धाम में उपस्थित हूं। मुख्यमंत्री धामी जी ने केदारनाथ धाम में संचालित मुख्य सेवक भंडारे में श्रद्धालुओं को प्रसाद भी वितरित किया।
कपाट खुलने के लिए मंदिर को 108 क्विंटल फूल-मालाओं से सजाया गया है। वहीं शासन, प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारियों के साथ सुरक्षा बल भी तैनात हैं। उन्होंने बताया कि केदारनाथ में 15 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई है।
वहीं, श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने बताया कि कपाट खुलने के बाद दर्शन के लिए टोकन सिस्टम लागू किया जाएगा।