Chardham Yatra: हिंदू धर्म में चार धाम यात्रा का बहुत महत्व है। इस यात्रा के प्रति लोगों की असीम आस्था है। चार धाम यात्रा में बद्रीनाथ, केदारनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री धाम शामिल हैं।
Chardham Yatra: हिंदू धर्म में चार धाम यात्रा का बहुत महत्व है। इस यात्रा के प्रति लोगों की असीम आस्था है। चार धाम यात्रा में बद्रीनाथ, केदारनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री धाम शामिल हैं। हर साल लाखों श्रद्धालु देवभूमि उत्तराखंड में चार धाम के दर्शन करने के लिए दुनिया भर से आते हैं। यह यात्रा अक्षय तृतीया से शुरू होकर अक्टूबर तक चलती है। आइए जानते हैं इस यात्रा के बारे में विस्तार से। पहला धाम है यमुनोत्री: हिंदू धर्म में यह भारत की सबसे बड़ी धार्मिक यात्रा है। जिसमें बद्रीनाथ धाम के दर्शन के लिए अन्य तीन धामों के साथ यात्रा की जाती है। चार धाम यात्रा में दर्शन के क्रम में सबसे पहले यमुनोत्री धाम आता है। वैदिक ज्योतिष शास्त्रों में वर्णित है कि चारधाम यात्रा पश्चिम दिशा से शुरू होकर पूरब दिशा में समाप्त होती है। यमुनोत्री धाम चार धाम यात्रा के पश्चिम दिशा में स्थित है। यमुनोत्री धाम का महत्व: शास्त्रों के अनुसार यमुना जी मृत्यु के देवता यमराज की बहन और सूर्य देव की पुत्री हैं। यमुनोत्री धाम मां यमुना का उद्गम स्थल है और यहां मां यमुना का मंदिर भी है। चार धाम यात्रा बहुत ही जटिल यात्रा है, इसलिए सबसे पहले यमराज की बहन मां यमुना की पूजा करके आगे बढ़ने से मृत्यु का भय समाप्त हो जाता है। इस धाम में दर्शन-पूजन और मां यमुना में स्नान करने से व्यक्ति को मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है। कैसे करें मां यमुना की पूजा: यमुनोत्री धाम में मां यमुना की पूजा करने से पहले जान की चट्टी स्थित सूर्य कुंड में स्नान करके मंदिर में प्रवेश किया जाता है। देवी यमुना को प्रसाद के रूप में चावल और आलू चढ़ाए जाते हैं। इसके अलावा आप अन्य पवित्र चीजें भी प्रसाद के रूप में चढ़ा सकते हैं। यमुनोत्री धाम यात्रा से पहले की तैयारी: यमुनोत्री यात्रा के लिए सबसे पहले आपको ऊनी कपड़े, बारिश से बचने के लिए रेनकोट, मजबूत जूते और चप्पल, साथ ही मधुमेह, हृदय या अन्य जीवन रक्षक दवाइया ले लें। क्योंकि यमुनोत्री धाम पहुंचने के लिए आपको करीब 14 किलोमीटर की चढ़ाई करनी पडेगी। इस यात्रा के दौरान मोबाइल चार्ज करने के लिए पावर बैंक जरूर लें लें। साथ ही साथ भूख लगने पर खाने के लिए कुछ खाद्य पदार्थ, नमकीन, बिस्किट आदि साथ लेकर जाएं। घर से निकलते समय करें उपाय: अगर आप चार धाम यात्रा के लिए घर से निकल रहे हैं तो एक दिन पहले एक नारियल को लाल कपड़े पर रखकर अपने पूजा घर में रख लें। नारियल के नीचे चावल का ढेर लगा दें। अब परिवार के साथ मिलकर दीया और अगरबत्ती जलाकर विधि-विधान से पूजा करें, अपने सभी देवी-देवताओं का आह्वान करें और कहें कि हे प्रभु हम चार धाम यात्रा पर जा रहे हैं, यात्रा के दौरान हमारी और हमारे परिवार की रक्षा करना आपकी जिम्मेदारी है। इस नारियल को चार धाम यात्रा पूरी होने तक पूजा स्थल में रखें और रोजाना इसकी पूजा आरती करें। यह भी पढ़ें- Char Dham Yatra : चारधाम यात्रा कल से शुरू, लाखों लोगों ने कराया रजिस्ट्रेशन, जानें कैसे करें यात्रा की योजना
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