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Kailash Mansarovar Yatra 2025: कब से शुरू होगी कैलाश मानसरोवर यात्रा, जानें डेट और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया

जीवांजलिPublished by:
राघवेंद्र तिवारी
सार

Kailash Mansarovar Yatra 2025: कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील हिंदू धर्म के पवित्र स्थल माने जाते हैं। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाते हैं। हालांकि, 2020 में कोविड-19 संक्रमण के कारण यह यात्रा स्थगित कर दी गई थी।

Kailash Mansarovar Yatra 2025
Kailash Mansarovar Yatra 2025: कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील हिंदू धर्म के पवित्र स्थल माने जाते हैं। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाते हैं। हालांकि, 2020 में कोविड-19 संक्रमण के कारण यह यात्रा स्थगित कर दी गई थी। अब 5 साल बाद जून 2025 से कैलाश मानसरोवर की यात्रा शुरू की जाएगी। आज हम आपको इस लेख में भगवान शिव का निवास स्थान कहे जाने वाले कैलाश मानसरोवर की यात्रा से जुड़ी अहम जानकारी देंगे।

कैलाश मानसरोवर यात्रा 2025

कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर विदेश मंत्रालय में हुई बैठक में निष्कर्ष निकाला गया कि इस यात्रा को साल 2025 में फिर से शुरू किया जाए। इस यात्रा के संचालन की जिम्मेदारी कुमाऊं मंडल विकास निगम को दी गई है। यात्रा दिल्ली से शुरू होगी और यात्री पिथौरागढ़ के लिपुलेख से होते हुए कैलाश मानसरोवर पहुंचेंगे।

कैसे करें रजिस्ट्रेशन?

बता दें कि कैलाश मानसरोवर की यात्रा के करने के लिए सबसे पहले आपको विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर जाना होगा। वहां जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना पड़ेगा। इसके साथ ही आपके पास वैध पासपोर्ट, पैन कार्ड, 3 पासपोर्ट साइज फोटो होना जरूरी है। आवेदन करने के बाद आपको रजिस्ट्रेशन फीस जमा करनी होगी। अगर आपने पूरी आवेदन प्रक्रिया सही तरीके से की है तो आपको मैसेज या ईमेल के जरिए इसकी जानकारी मिल जाएगी।

कब शुरू होगी मानसरोवर यात्रा?

कैलाश मानसरोवर यात्रा 30 जून से शुरू होगी। यात्रा में 50-50 व्यक्तियों के कुल पांच दल होंगे। 50 व्यक्तियों का पहला दल 10 जुलाई को लिपुलेख दर्रे के रास्ते चीन में प्रवेश करेगा। वहीं, आखिरी दल 22 अगस्त 2025 को चीन से भारत लौटेगा। यानी यात्रा 10 जून से शुरू होकर 22 अगस्त तक चलेगी। यात्रा करने वाला हर दल दिल्ली से रवाना होगा। पहला पड़ाव टनकपुर होगा जहां दल को एक रात के लिए ठहराया जाएगा। इसके बाद धारचूला में दो रात, गुंजी में दो रात और नाभीढांग में दो रात रुकने के बाद दल कैलाश मानसरोवर क्षेत्र में प्रवेश करेगा। वापसी में श्रद्धालु बूंदी, चौकोड़ी, अल्मोड़ा होते हुए दिल्ली पहुंचेंगे। यात्रा का कुल समय 22 दिन है।

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