Jyeshtha Purnima Upay : वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए कुछ खास उपाय होते हैं, यदि आप उन उपायों को करते हैं तो आप पर मां लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहेगी। तो आइए उन उपायों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
Jyeshtha Purnima Upay 2025: हिंदू धर्म में ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है। इसे जेठ पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। वैसे तो साल में पड़ने वाली हर पूर्णिमा खास होती है, लेकिन ज्येष्ठ पूर्णिमा का महत्व अलग है।
इस दिन व्रत रखने का विधान है और भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है। इसके साथ ही चंद्र देव की भी पूजा की जाती है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार ज्येष्ठ पूर्णिमा पर दीपक से जुड़े कुछ खास उपाय करने से हर बाधा दूर हो सकती है।
कब मनाई जाएगी ज्येष्ठ पूर्णिमा?
ज्येष्ठ पूर्णिमा की तिथि 10 जून मंगलवार को सुबह 11:35 बजे से शुरू हो रही है, जबकि 11 जून बुधवार को दोपहर 1:13 बजे समाप्त होगी। उदयातिथि के अनुसार 11 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा मनाई जाएगी।
करें ये उपाय:
ज्येष्ठ पूर्णिमा की रात को घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाना चाहिए, क्योंकि यहीं से मां लक्ष्मी का आगमन होता है। इस उपाय से मां लक्ष्मी आपके घर आएंगी। आर्थिक तंगी दूर रहेगी।
मान्यताओं के अनुसार, रसोई घर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इसका असर व्यक्ति के स्वास्थ्य पर पड़ता है। ऐसे में ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन रसोई में दीपक जलाना चाहिए। मान्यता है कि इससे देवी अन्नपूर्णा प्रसन्न होती हैं। घर में कभी भी अन्न की कमी नहीं होती है।
ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी में स्नान करने के बाद दीपदान करें। साथ ही सूर्य देव को अर्घ्य दें। ऐसा करने से मन की नकारात्मकता दूर होती है। पितृ दोष भी समाप्त होता है। साथ ही पितरों का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।
मान्यता है कि पूर्णिमा की सुबह स्नान करने के बाद तुलसी के पौधे में जल चढ़ाएं। घी का दीपक जलाएं और आरती करें। इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। धन का भंडार भरा रहता है।