Hanuman Temple Delhi: हर साल हनुमान जयंती चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है, जो इस बार 12 अप्रैल दिन मंगलवार को मनाई जा रही है। ऐसे में अगर आप भी दिल्ली एनसीआर या इसके आसपास के इलाकों में रहते हैं
Hanuman Janmotsav 2025: हिंदू धर्म में हर बार भगवान हनुमान की जयंती बड़े ही भाव से मनाई जाती है। वीर हनुमान जी को शक्ति, भक्ति और सेवा का प्रतीक माना जाता है। इस दिन हनुमान जी की पूजा करने का विधान है, जो भक्त इस दिन व्रत रखते हैं और भक्ति भाव से पूजा करते हैं, उन्हें सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
हर साल हनुमान जयंती चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है, जो इस बार 12 अप्रैल दिन मंगलवार को मनाई जा रही है। ऐसे में अगर आप भी दिल्ली एनसीआर या इसके आसपास के इलाकों में रहते हैं और इस खास दिन पर बजरंगबली का आशीर्वाद पाना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए है। यहां हम आपको दिल्ली के ऐसे 5 प्राचीन हनुमान मंदिरों के बारे में बताएंगे, जहां जाकर आप भी इस दिन को यादगार बना सकते हैं। आइए जानते हैं।
हनुमान मंदिर, करोल बाग
दिल्ली के करोल बाग में स्थित हनुमान मंदिर भी बहुत प्राचीन है। यहां मौजूद भगवान हनुमान की प्रतिमा करीब 108 फीट ऊंची है। आपने इस प्रतिमा को करोल बाग और झंडेवालान से गुजरते समय या कई टीवी सीरियल के दृश्यों में देखा होगा। इस भव्य मंदिर के दर्शन के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं।
श्री बालाजी बाबोसा मंदिर, रोहिणी
दिल्ली के रोहिणी में स्थित श्री बालाजी बाबोसा मंदिर भी बेहद खास है। यहां विराजमान हनुमान जी को कई भक्त भगवान विष्णु और श्री कृष्ण के रूप में पूजते हैं। साथ ही, हनुमान जी के बाल रूप की पूजा के लिए भी यह मंदिर विशेष महत्व रखता है। यहां दर्शन के लिए हनुमान जयंती के पावन अवसर से बेहतर दिन और क्या हो सकता है।
मरघट वाले बाबा, यमुना बाजार
दिल्ली के यमुना बाजार में बना मरघट वाले बाबा का मंदिर भी बहुत प्रसिद्ध है। यहां हर मंगलवार और शनिवार को भक्तों का तांता लगा रहता है। यमुना नदी के किनारे स्थित इस मंदिर में हनुमान जी की प्रतिमा जमीन से करीब 10 फीट नीचे है। हनुमान जयंती पर यहां आकर आप भी मानसिक शांति पा सकते हैं। मान्यता है कि रामायण काल में जब हनुमान जी लक्ष्मण जी के लिए संजीवनी बूटी ले जा रहे थे तो वे इस स्थान पर विश्राम करने के लिए रुके थे।
प्राचीन हनुमान मंदिर, चाणक्यपुरी
दिल्ली के चाणक्यपुरी में विनय मार्ग पर स्थित हनुमान मंदिर भी सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक है। इसके पास ही श्री बटुक भैरव का मंदिर भी है, जिससे आप एक ही समय में दोनों का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। आस्था ऐसी है कि यहां हर दिन बड़ी संख्या में लोग मन्नत लेकर आते हैं। हनुमान जयंती पर यहां जाना भी एक अच्छा निर्णय होगा।