Gardening Tips: घर में लगे पौधों की हरियाली तभी लंबे समय तक बनी रहती है, जब उनकी सही तरीके से देखभाल की जाए। पौधों की देखभाल में सबसे जरूरी काम होता है सही समय पर पानी देना, लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि अगर दिनभर समय न मिले तो क्या रात में पौधों को पानी देना ठीक है? कुछ लोग इसे सही मानते हैं, जबकि कई लोग कहते हैं कि इससे पौधे खराब हो सकते हैं।
असल में इस सवाल का जवाब इतना सीधा नहीं है। यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि पौधा किस प्रकार का है, मौसम कैसा है और आप उसे किस जगह पर रखे हुए हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि रात में पानी देने से पौधों पर क्या असर पड़ता है? क्या इससे पौधों की वृद्धि रुक सकती है या फिर यह बिल्कुल सुरक्षित है? आइए जानते हैं इस बारे में...
क्या रात में पौधों को पानी देना सही है?
रात में पौधों को पानी देना पूरी तरह गलत नहीं है, लेकिन इसे आदर्श समय भी नहीं माना जाता। अगर किसी कारण से सुबह पानी देना संभव न हो, तो रात में भी पौधों को पानी दिया जा सकता है। हालांकि इसके दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है। रात के समय तापमान कम होता है और धूप भी नहीं होती। ऐसे में मिट्टी लंबे समय तक गीली बनी रहती है। अगर जरूरत से ज्यादा पानी दिया जाए तो जड़ों के आसपास नमी अधिक समय तक बनी रह सकती है, जिससे कई तरह की समस्याएं पैदा होने लगती हैं।
सुबह का समय क्यों माना जाता है सबसे बेहतर?
सुबह सूर्योदय के आसपास या उसके कुछ समय बाद पौधों को पानी देना चाहिए। इसकी कई वजह हैं। सुबह पानी देने पर पौधों को पूरे दिन नमी मिलती रहती है। धूप निकलने के बाद अतिरिक्त पानी धीरे-धीरे सूख जाता है और मिट्टी में उचित नमी बनी रहती है। इससे जड़ों को पर्याप्त ऑक्सीजन भी मिलती है और पौधे स्वस्थ तरीके से बढ़ते हैं। इसके अलावा अगर पत्तियों पर पानी की बूंदें रह भी जाएं तो वे दिन चढ़ने तक सूख जाती हैं, जिससे फंगल संक्रमण का खतरा कम हो जाता है।
रात में पानी देने के क्या नुकसान हो सकते हैं?
अगर नियमित रूप से देर रात पौधों को पानी दिया जाए और मिट्टी लगातार गीली रहे, तो कुछ समस्याएं सामने आ सकती हैं। सबसे पहले जड़ों में सड़न का खतरा बढ़ जाता है। लगातार नमी रहने से जड़ों को पर्याप्त हवा नहीं मिल पाती और वे कमजोर होने लगती हैं।
दूसरी समस्या फंगस और फफूंदी की होती है। नम वातावरण कई तरह के फंगल रोगों को बढ़ावा देता है। खासकर उन पौधों में जिनकी पत्तियां घनी होती हैं, वहां यह समस्या जल्दी दिखाई दे सकती है। इसके अलावा कुछ कीट भी नमी वाले वातावरण में ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं, जिससे पौधों की पत्तियां और तने प्रभावित हो सकते हैं।
क्या कभी-कभी रात में पानी देना नुकसान नहीं पहुंचाता?
अगर किसी दिन व्यस्तता के कारण सुबह पानी नहीं दे पाए और शाम या रात में पौधों को पानी देना पड़ जाए, तो इससे आमतौर पर कोई बड़ी परेशानी नहीं होती। ध्यान केवल इस बात का रखना चाहिए कि जरूरत से ज्यादा पानी न डालें। मिट्टी की नमी देखकर ही सिंचाई करें। यदि मिट्टी पहले से गीली है तो अतिरिक्त पानी देने से बचना चाहिए। यानी कभी-कभार रात में पानी देना सामान्य बात है, लेकिन इसे रोज की आदत बनाना उचित नहीं माना जाता।
किन पौधों में ज्यादा सावधानी की जरूरत होती है?
कुछ पौधे ऐसे होते हैं जो अधिक नमी बिल्कुल पसंद नहीं करते। जैसे कैक्टस, सक्यूलेंट और कई इनडोर पौधे। इनकी जड़ों में पानी ज्यादा देर तक रहने पर सड़न जल्दी शुरू हो सकती है। वहीं तुलसी, गुलाब, मनी प्लांट, गेंदा और अन्य सामान्य बगीचे के पौधों में भी लगातार गीली मिट्टी रहने से फंगल रोगों की संभावना बढ़ सकती है, इसलिए हर पौधे की जरूरत अलग होती है और उसी के अनुसार पानी देना बेहतर रहता है।
अगर रात में पानी देना पड़े तो इन बातों का रखें ध्यान
- रात में पानी देते समय कोशिश करें कि केवल मिट्टी में ही पानी जाए। पत्तियों और फूलों को अनावश्यक रूप से भिगोने से बचें।
- पानी उतना ही दें जितनी पौधे को आवश्यकता हो। गमले के नीचे निकासी का छेद खुला होना चाहिए ताकि अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके।
- अगर पौधे खुले बगीचे में लगे हैं और मौसम पहले से ही नम है या बारिश हो रही है, तो रात में अतिरिक्त पानी देने की जरूरत नहीं होती।
मौसम के अनुसार बदल सकता है पानी देने का समय
- गर्मी के मौसम में मिट्टी जल्दी सूख जाती है, इसलिए सुबह पानी देना सबसे अच्छा रहता है। जरूरत पड़ने पर शाम को भी हल्का पानी दिया जा सकता है।
- बरसात के मौसम में पहले मिट्टी की नमी जांचनी चाहिए। कई बार बारिश के कारण अतिरिक्त सिंचाई की आवश्यकता ही नहीं होती।
- सर्दियों में पौधों को अपेक्षाकृत कम पानी चाहिए होता है। ऐसे में भी सुबह का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है, ताकि दिनभर में अतिरिक्त नमी संतुलित हो सके।
कैसे पहचानें कि पौधे को पानी की जरूरत है?
कई लोग तय समय देखकर रोज पानी देते हैं, जबकि यह तरीका हमेशा सही नहीं होता। सबसे आसान तरीका है मिट्टी को उंगली से हल्का छूकर देखना। अगर ऊपर की एक-दो इंच मिट्टी सूखी महसूस हो रही है, तभी पानी दें। यदि मिट्टी पहले से नम है तो कुछ समय इंतजार करना बेहतर रहता है। इसके अलावा पौधों की पत्तियां भी संकेत देती हैं। अगर पत्तियां हल्की मुरझाने लगें या मिट्टी सूखी दिखाई दे, तो यह पानी की जरूरत का संकेत हो सकता है।
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।)