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Flower Moon 2025 : आज रात में दिखेगा फ्लावर मून, जानें इस दौरान कौन से करने चाहिए उपाय

जीवांजलिPublished by:
राघवेंद्र तिवारी
सार

Flower Moon 2025 : हर महीने एक रात आसमान में होती है जब चांद पूरी रोशनी के साथ चमकता है। इसे पूर्णिमा कहते हैं लेकिन मई की पूर्णिमा को खास माना जाता है। इस रात को 'फ्लावर मून' कहते हैं।

Flower Moon 2025
Flower Moon 2025 : हर महीने एक रात आसमान में होती है जब चांद पूरी रोशनी के साथ चमकता है। इसे पूर्णिमा कहते हैं लेकिन मई की पूर्णिमा को खास माना जाता है। इस रात को 'फ्लावर मून' कहते हैं। यह नाम अमेरिका से आया है, जहां इस समय बसंत ऋतु अपने पूरे रंग में होती है और फूलों की भरमार होती है। इसलिए इस खास पूर्णिमा को फूलों से जोड़कर देखा गया।

इस साल यानी साल 2025 में फ्लावर मून 12 मई यानी आज रात में दिखाई देगा। बता दें कि आज रात 8 बजकर 19 मिनट से लेकर 9 बजकर 19 मिनट तक चांद अपने पूरे रंग में चमकेगा। एक घंटे की इस अवधि से कई लोगों की आस्था और विश्वास जुड़ा हुआ है। कुछ इसे प्रकृति की खूबसूरती के तौर पर देखते हैं तो वही कुछ लोग प्लावर मून को सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत मानते हैं।

इस दिन करें ये उपाय

अगर इस खास रात को एक आसान उपाय किया जाए तो रिश्तों में आई खटास को कम किया जा सकता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब फूल वाला चंद्रमा अपने चरम पर हो, तो महिलाओं को अपने बाएं हाथ में मिश्री, गुड़ या चीनी जैसी कोई मीठी चीज पकड़नी चाहिए और पुरुषों को अपने दाहिने हाथ में मिश्री, गुड़ या चीनी जैसी कोई मीठी चीज पकड़नी चाहिए और चुपचाप अपनी आंखें बंद करके मन ही मन सच्चे मन से प्रार्थना करनी चाहिए। प्रार्थना कुछ इस तरह होनी चाहिए: 'चंद्रमा, हमारे रिश्तों को प्यार से भर दो, दूरियां मिटा दो और हमारी बातचीत में मिठास भर दो।'

यह प्रभाव दिखेगा

इस प्रार्थना के बाद उस मिठाई को किसी फूल वाले पौधे को प्रेम से अर्पित करें। यह एक प्रतीकात्मक कार्य है लेकिन इसका प्रभाव गहरा हो सकता है। ऐसा कहा जाता है कि चंद्रमा भावनाओं का कारक है और इसका सीधा प्रभाव मन पर पड़ता है। इसलिए इस रात की गई प्रार्थना दिल तक पहुंच सकती है।

फूल वाला चंद्रमा 'मिल्क मून', 'बडिंग मून', 'डांसिंग मून' और 'प्लांटिंग मून' जैसे नामों से भी जाना जाता है। ये नाम प्राकृतिक परिवर्तनों से भी जुड़े हैं। इस मौसम में नई कलियाँ उगती हैं, दूध का उत्पादन बढ़ता है और धरती हरियाली से भरने लगती है।

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