Vasant Panchami 2025: बसंत पंचमी का त्योहार माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है. इस दिन देवी सरस्वती की पूजा करने का विधान है. इस बार बसंत पंचमी 2 फरवरी 2025 को मनाई जाएगी. धार्मिक मान्यता है कि देवी सरस्वती की पूजा करने से व्यक्ति को करियर और परीक्षा में सफलता मिलती है. खासकर नौकरी, स्कूल, कॉलेज, संस्थान और कला के क्षेत्र से जुड़े लोग इस दिन देवी सरस्वती की पूजा करते हैं. शास्त्रों के अनुसार बसंत पंचमी के दिन उनके मंत्रों का जाप और सरस्वती वंदना जरूर करनी चाहिए. इसके बाद मां सरस्वती की आरती करना न भूलें. मान्यता है कि इसके बाद ही पूजा पूरी मानी जाती है और पूजा का पूरा फल प्राप्त होता है. इस दिन कुछ बातों का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए. आइए जानते हैं.
बसंत पंचमी पर न करें ये काम (Vasant Panchami par na karen ye kaam)
1. मान्यता है कि बसंत पंचमी से बसंत ऋतु की शुरुआत होती है. इसलिए इस दिन पेड़-पौधे काटने से बचना चाहिए.
2. इस दिन मां सरस्वती की पूजा की जाती है. इसलिए इस दिन किसी का अपमान न करें. साथ ही किसी भी तरह के विवाद से दूर रहें.
3. बसंत पंचमी के पावन दिन बिना स्नान किए भोजन न करें.
4. इतना ही नहीं, इस दिन भूलकर भी मांस-मदिरा का सेवन न करें.
5. सरस्वती पूजा के दिन काले, लाल या रंग-बिरंगे कपड़े पहनने से बचें. इस दिन पीले कपड़े पहनना शुभ माना जाता है.
सरस्वती उपासना मंत्र (Saraswati Worship Mantra)
सरस्वती नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणी, विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु में सदा।
सरस्वती वंदना (Saraswati Vandana)
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता।
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना॥
या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता।
सा माम् पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥1॥
शुक्लाम् ब्रह्मविचार सार परमाम् आद्यां जगद्व्यापिनीम्।
वीणा-पुस्तक-धारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्॥
हस्ते स्फटिकमालिकाम् विदधतीम् पद्मासने संस्थिताम्।
वन्दे ताम् परमेश्वरीम् भगवतीम् बुद्धिप्रदाम् शारदाम्॥2॥