facebook pixel
विज्ञापन
Home  dharm  festivals  raksha bandhan 2026 par salon bad ban rha hai esa adhbhut sanyog janiye rakhi bandhane ka shubh samay

Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन पर सालों बाद बना ऐसा अद्भुत संयोग, जानें राखी बांधने का शुभ समय

जीवांजलि, धर्म डेस्कPublished by:
Shakshi
सार

Raksha Bandhan 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। यह दिन श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि का होगा।

Raksha Bandhan 2026
Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का प्रतीक माना जाता है। हर साल सावन पूर्णिमा के दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी सुख-समृद्धि व लंबी उम्र की कामना करती हैं। इस बार रक्षाबंधन का पर्व कई मायनों में खास रहने वाला है। 27 अगस्त को शुरू होने वाली पूर्णिमा तिथि 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी और इसी वजह से राखी बांधने के समय को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। वहीं, इस बार रक्षाबंधन शुक्रवार के दिन पड़ रहा है और भद्रा का समय भी सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो जाएगा। क्या आप जानते हैं कि 2026 में रक्षाबंधन किस दिन मनाया जाएगा और भाई की कलाई पर राखी बांधने का सबसे शुभ समय क्या रहेगा? आइए जानते हैं।

28 अगस्त को मनाया जाएगा रक्षाबंधन

हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। यह दिन श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि का होगा। रक्षाबंधन के लिए पूर्णिमा तिथि के साथ भद्रा के समय का विशेष ध्यान रखा जाता है। इस बार पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह से शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। इसी दौरान भद्रा का प्रभाव भी रहेगा, जिसके कारण 27 अगस्त को राखी बांधने से बचने की सलाह दी जाती है।

 

Raksha Bandhan 2026

27 अगस्त को रहेगी भद्रा

इस बार भद्रा 27 अगस्त की सुबह 09:09 बजे से शुरू होगी और रात 09:25 बजे तक रहेगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा काल में शुभ कार्य करने से बचना चाहिए। रक्षाबंधन पर भी भद्रा के दौरान भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता है। यही वजह है कि इस बार 27 अगस्त को भद्रा के कारण राखी बांधने का समय अनुकूल नहीं रहेगा। हालांकि, रात 09:25 बजे भद्रा समाप्त हो जाने के बाद 28 अगस्त को रक्षाबंधन के लिए पूरा दिन भद्रा से मुक्त रहेगा।

28 अगस्त को नहीं रहेगा भद्रा का व्यवधान

रक्षाबंधन के दिन यानी 28 अगस्त को भद्रा का कोई व्यवधान नहीं रहेगा। ऐसे में बहनें बिना भद्रा की चिंता किए शुभ मुहूर्त में भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। रक्षाबंधन के दिन भद्रा नहीं होने की वजह से इस बार पर्व की पूजा और राखी बांधने के लिए शुभ समय को लेकर लोगों में विशेष उत्साह है। पंचांग के अनुसार शुभ समय में राखी बांधना धार्मिक रूप से विशेष फलदायी माना जाता है।

बन रहा है शुभ संयोग

इस बार श्रावणी पूर्णिमा पर कई शुभ योग और नक्षत्रों का संयोग बन रहा है। पूर्णिमा के दिन शतभिषा नक्षत्र रहेगा। इसके साथ ही सुकर्मा योग का निर्माण होगा। ज्योतिषीय मान्यताओं में सुकर्मा योग को शुभ कार्यों के लिए अच्छा माना जाता है। इसके अलावा पूर्णिमा तिथि पर बव करण के बाद कौलव करण रहेगा। चंद्रमा मीन राशि में स्थित रहेगा। इस तरह शतभिषा नक्षत्र, सुकर्मा योग, करण और चंद्रमा की स्थिति का यह संयोग रक्षाबंधन के पर्व को विशेष बना रहा है।

 

Raksha Bandhan 2026

शुक्रवार और सुकर्मा योग का मेल

इस बार रक्षाबंधन शुक्रवार के दिन पड़ रहा है। शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी को समर्पित माना जाता है। वहीं इसी दिन सुकर्मा योग का संयोग भी बन रहा है। धार्मिक दृष्टि से शुक्रवार और सुकर्मा योग का यह मेल पर्व की शुभता को बढ़ाने वाला माना जा रहा है। यही वजह है कि इस बार का रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व ही नहीं, बल्कि पंचांग की दृष्टि से भी विशेष माना जा रहा है।

राखी बांधने का शुभ समय

रक्षाबंधन के दिन भद्रा का कोई व्यवधान नहीं रहने के कारण बहनें शुभ मुहूर्त में राखी बांध सकती हैं। पंचांग के अनुसार 28 अगस्त को सुबह से ही राखी बांधने के लिए शुभ समय रहेगा। राखी बांधते समय बहन को भाई को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठाना चाहिए। इसके बाद भाई के माथे पर रोली या कुमकुम से तिलक लगाकर अक्षत अर्पित किए जाते हैं। फिर आरती करके भाई की कलाई पर राखी बांधी जाती है और मिठाई खिलाई जाती है।

भद्रा में राखी क्यों नहीं बांधते

हिंदू धर्म में भद्रा को शुभ कार्यों के लिए प्रतिकूल समय माना गया है। रक्षाबंधन के दिन विशेष रूप से भद्रा का विचार किया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि भद्रा काल में राखी बांधने से बचना चाहिए। इस बार भद्रा 27 अगस्त की सुबह 09:09 बजे से रात 09:25 बजे तक रहेगी, इसलिए 27 अगस्त को भद्रा काल में राखी बांधने से बचना चाहिए। भद्रा समाप्त होने के बाद 28 अगस्त को रक्षाबंधन मनाना शुभ रहेगा।

राखी की थाली में रखें ये चीजें

रक्षाबंधन पर राखी की थाली में राखी के साथ रोली, अक्षत, दीपक, मिठाई और पूजा की अन्य सामग्री रखी जाती है। सबसे पहले भगवान का पूजन करने के बाद भाई को तिलक लगाया जाता है। इसके बाद राखी बांधकर आरती की जाती है। राखी बांधने के बाद भाई अपनी बहन की रक्षा का संकल्प लेता है और बहन के लिए उपहार देता है। इस तरह यह पर्व भाई-बहन के बीच प्रेम, विश्वास और स्नेह के रिश्ते को और मजबूत करता है।

इस बार रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा और सबसे खास बात यह है कि पर्व के दिन भद्रा का कोई व्यवधान नहीं रहेगा। 27 अगस्त की सुबह 09:09 बजे से शुरू हुई भद्रा रात 09:25 बजे समाप्त हो जाएगी। इसके बाद श्रावणी पूर्णिमा पर शतभिषा नक्षत्र, सुकर्मा योग और शुक्रवार का शुभ संयोग रक्षाबंधन को खास बना देगा।


यह भी पढ़ें:-

Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन के दिन बहनें जरूर करें इस मंत्र का जाप, मिलेगा आशीर्वाद 

Raksha Bandhan: इंद्राणी ने इंद्र की कलाई पर क्यों बांधा था रक्षा सूत्र? जानिए रक्षाबंधन से जुड़ी पौराणिक कथा 

Raksha Bandhan: रक्षाबंधन पर भगवान गणेश को सबसे पहले क्यों बांधी जाती है राखी? जानिए इस परंपरा की मान्यता 
 
(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।)

धार्मिक कहानियां सुनने और पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।

WhatsApp Channel