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Krishna Janmashtami: जन्माष्टमी पर जरूर करें इन चीजों का दान, श्रीकृष्ण की कृपा से दूर होंगे सारे कष्ट

जीवांजलि, धर्म डेस्कPublished by:
Shakshi
सार

Krishna Janmashtami: जन्माष्टमी के दिन अन्न का दान करना बहुत पुण्यदायी माना जाता है। जरूरतमंद व्यक्ति को गेहूं, चावल, दाल, आटा या अन्य खाद्य सामग्री अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान की जा सकती है। 

Krishna Janmashtami:
Krishna Janmashtami: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। इस दिन भक्त व्रत रखते हैं, भगवान कृष्ण और बाल गोपाल की पूजा करते हैं और मध्यरात्रि में उनके जन्म का उत्सव मनाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि जन्माष्टमी के दिन पूजा-पाठ के साथ दान करने का भी विशेष महत्व होता है। कहा जाता है कि इस दिन जरूरतमंदों को सामर्थ्य के अनुसार दान देने से भगवान श्रीकृष्ण प्रसन्न होते हैं और भक्त के जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। क्या आपको पता है कि जन्माष्टमी के दिन किन चीजों का दान करना शुभ माना जाता है? आइए जानते हैं।

अन्न का दान

जन्माष्टमी के दिन अन्न का दान करना बहुत पुण्यदायी माना जाता है। जरूरतमंद व्यक्ति को गेहूं, चावल, दाल, आटा या अन्य खाद्य सामग्री अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान की जा सकती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार अन्न दान से भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त होती है। जन्माष्टमी के दिन किसी जरूरतमंद व्यक्ति या परिवार को भोजन कराना भी शुभ माना जाता है। यदि संभव हो तो घर पर सात्विक भोजन बनाकर जरूरतमंदों को खिलाया जा सकता है।

गाय को चारा खिलाएं

भगवान श्रीकृष्ण का गायों से विशेष संबंध माना जाता है। बाल्यकाल में श्रीकृष्ण ने गोकुल और वृंदावन में गोचारण किया था। इसी वजह से जन्माष्टमी के दिन गाय की सेवा और उसे चारा खिलाना विशेष फलदायी माना जाता है। इस दिन गाय को हरा चारा, गुड़ या आटे की लोई खिलाई जा सकती है। सामर्थ्य होने पर गौशाला में चारा या अन्य जरूरी सामग्री का दान भी किया जा सकता है।

माखन और मिश्री का दान

भगवान श्रीकृष्ण को माखन और मिश्री अत्यंत प्रिय माने जाते हैं। जन्माष्टमी के दिन बाल गोपाल को माखन-मिश्री का भोग लगाने की परंपरा है। इसके साथ ही माखन और मिश्री का दान करना भी शुभ माना जाता है। पूजा के बाद माखन-मिश्री प्रसाद के रूप में बांटा जा सकता है। धार्मिक मान्यता है कि भगवान को प्रिय वस्तुओं का भोग लगाकर उनका प्रसाद बांटने से भक्त को भगवान का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

वस्त्रों का दान

जन्माष्टमी पर जरूरतमंद लोगों को वस्त्र दान करना भी शुभ माना जाता है। साफ और उपयोग योग्य कपड़े किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दिए जा सकते हैं। बच्चों के कपड़े, महिलाओं या पुरुषों के वस्त्र अपनी क्षमता के अनुसार दान किए जा सकते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार जरूरतमंद व्यक्ति की आवश्यकता पूरी करने के उद्देश्य से किया गया दान विशेष महत्व रखता है।

फल का दान

जन्माष्टमी के दिन फलों का दान भी किया जा सकता है। पूजा में भगवान श्रीकृष्ण को फल अर्पित करने के बाद इन्हें प्रसाद के रूप में बांटना शुभ माना जाता है। इसके अलावा जरूरतमंद लोगों या मंदिर में फल दान किए जा सकते हैं। केला, सेब, अंगूर, नारियल और मौसमी फल अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान करना अच्छा माना जाता है।

तुलसी का महत्व

भगवान श्रीकृष्ण की पूजा में तुलसी का विशेष महत्व है। जन्माष्टमी के दिन भगवान को तुलसी दल अर्पित किया जाता है। हालांकि तुलसी का पौधा सीधे दान करने की बजाय उसकी सेवा करना और पूजा में तुलसी दल अर्पित करना अधिक प्रचलित धार्मिक परंपरा है। इस दिन घर में तुलसी के पौधे की पूजा कर भगवान श्रीकृष्ण को तुलसी दल अर्पित किया जा सकता है।

जरूरतमंद बच्चों को दान

जन्माष्टमी को बाल गोपाल का जन्मोत्सव माना जाता है। ऐसे में जरूरतमंद बच्चों की सहायता करना भी इस दिन शुभ माना जाता है। बच्चों को कपड़े, फल, भोजन, दूध या उनकी जरूरत की अन्य चीजें दी जा सकती हैं। सामर्थ्य के अनुसार किसी जरूरतमंद बच्चे की पढ़ाई से जुड़ी सामग्री जैसे कॉपी, किताब और पेन आदि का दान भी किया जा सकता है।

दूध और दही का दान

श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप का संबंध दूध, दही, माखन और अन्य दुग्ध पदार्थों से जुड़ा हुआ है। जन्माष्टमी के दिन दूध या दही का दान भी किया जा सकता है। मंदिर में भोग के लिए दूध-दही देना या जरूरतमंद परिवार को दूध उपलब्ध कराना धार्मिक दृष्टि से शुभ माना जाता है। इससे जन्माष्टमी की पूजा में दान और सेवा दोनों का भाव जुड़ता है।

गुड़ का दान

जन्माष्टमी के दिन गुड़ का दान करना भी शुभ माना जाता है। जरूरतमंद व्यक्ति को गुड़ या गुड़ से बनी खाद्य सामग्री दान की जा सकती है। कई जगहों पर जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान को गुड़ का भोग लगाकर प्रसाद बांटने की परंपरा भी है।

दान करते समय रखें ध्यान

जन्माष्टमी पर दान करते समय अपनी सामर्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। धार्मिक मान्यता में दान का महत्व केवल वस्तु की कीमत से नहीं, बल्कि श्रद्धा और जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता से जुड़ा माना जाता है। इस दिन किसी जरूरतमंद व्यक्ति को अन्न, वस्त्र, फल, दूध, दही या अन्य उपयोगी वस्तुएं दी जा सकती हैं। यदि मंदिर या गौशाला में दान कर रहे हैं तो वहां की वास्तविक जरूरत के अनुसार सामग्री देना उचित माना जाता है। जन्माष्टमी की रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद पूजा और आरती करने के साथ प्रसाद बांटने की भी परंपरा है। ऐसे में अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों को भोजन या प्रसाद वितरित करके जन्माष्टमी का पर्व मनाया जा सकता है।


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(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।) 

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