Chandra Grahan: अगले महीने चंद्रग्रहण लगने जा रहा है। इस दौरान लोगों को कई तरह की सावधानियां बरतनी होगी। कुछ काम ऐसे हैं जिन्हें ग्रहण के समय नहीं करने चाहिए। इससे लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
Lunar Eclipse 2025 Upay: हिन्दू धर्म में चंद्रग्रहण के दौरान कुछ खास सावधानियों का पालन करना बहुत जरूरी माना जाता है, क्योंकि इस समय नकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ जाता है। हिंदू धर्म और ज्योतिष के अनुसार, चंद्रग्रहण के दौरान की गई कुछ गलतियां जीवन में परेशानियां बढ़ा सकती हैं। चंद्रग्रहण एक खगोलीय घटना है जो तब होती है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीधी रेखा में आ जाते हैं और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। इससे चंद्रमा पूरी तरह से ढक जाता है। यह घटना केवल पूर्णिमा की रात को ही हो सकती है। चंद्रग्रहण के दौरान चंद्रमा का रंग लाल दिखाई दे सकता है, जिसे ब्लड मून भी कहते हैं। आइए जानते हैं, चंद्रग्रहण के दौरान भूलकर भी कौन से काम नहीं करने चाहिए।
भूल से भी न करें ये काम
भोजन करना और बनाना
ग्रहण काल में भोजन करना और बनाना दोनों ही वर्जित माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार, ग्रहण के समय वातावरण में हानिकारक रोगाणु और बैक्टीरिया फैल जाते हैं, जिससे भोजन दूषित हो सकता है। इससे स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। ग्रहण शुरू होने से पहले ही पका हुआ भोजन खा लें। अगर कुछ बचा हुआ है, तो उसमें तुलसी का पत्ता या कुश डाल दें ताकि वह दूषित न हो।
धारदार चीजों का इस्तेमाल
ग्रहण के दौरान चाकू, कैंची, सुई या अन्य किसी भी धारदार वस्तु का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने से जीवन में मुश्किलें बढ़ सकती हैं और यह अशुभ माना जाता है।
गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष नियम
गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। उन्हें घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए और इस दौरान कुछ भी काटने या सिलने से बचना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि ग्रहण की नकारात्मक किरणें गर्भ में पल रहे शिशु पर बुरा असर डाल सकती हैं। गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान अपने पास तुलसी का पत्ता या गंगाजल रखना चाहिए और मंत्रों का जाप करना चाहिए।
पूजा-पाठ और मूर्ति स्पर्श
ग्रहण काल में मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं, क्योंकि इस समय भगवान की मूर्तियों को स्पर्श करना वर्जित होता है। इस दौरान पूजा-पाठ करना भी अशुभ माना जाता है। ग्रहण काल में आप मंत्रों का मानसिक जाप कर सकते हैं। हनुमान चालीसा, विष्णु सहस्त्रनाम या गायत्री मंत्र का जाप करना बहुत ही शुभ माना जाता है।
सोना या आराम करना
ग्रहण काल के दौरान सोना नहीं चाहिए। इस समय को जप, तप और ध्यान के लिए उत्तम माना गया है। सोने से ग्रहण का अशुभ प्रभाव शरीर पर पड़ता है। जिससे लोगों को कई परशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
ग्रहण के बाद क्या करें?
ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें ताकि नकारात्मक ऊर्जा दूर हो। दान-पुण्य करें। अन्न, वस्त्र या पैसे का दान करना बहुत शुभ होता है। भगवान की मूर्तियों और मंदिर को साफ करके पूजा करें। इन नियमों का पालन करने से ग्रहण के नकारात्मक प्रभावों से बचा जा सकता है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।