Dhanteras Puja : हर साल धनतेरस का त्योहार कार्तिक महीने की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाते हैं। इस खास दिन पर लोग खरीददारी करते हैं। इस दिन सोने और चांदी के सिक्के और नए बर्तन खरीदने का रिवाज है।
Dhanteras Puja : हर साल कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है। इस शुभ दिन पर लोग खरीदारी करते हैं सोना या चांदी के सिक्के और नए बर्तन खरीदना एक परंपरा है। धनतेरस के दिन देवी लक्ष्मी, भगवान गणेश, भगवान धन्वंतरि और भगवान कुबेर की पूजा की जाती है। इस दिन 'यम दीपदान' की परंपरा भी निभाई जाती है। दिवाली की तैयारियों के कारण अक्सर काफी भीड़-भाड़ हो जाती है, इसलिए बेहतर होगा कि धनतेरस की पूजा के लिए जरूरी सामग्री पहले ही खरीद लें। नीचे धनतेरस पूजा के लिए आवश्यक वस्तुओं की विस्तृत सूची और पूजा करने की सरल विधि दी गई है।
धनतेरस पूजा सामग्री
देवी लक्ष्मी, भगवान गणेश, भगवान धन्वंतरि और भगवान कुबेर की मूर्तियां
अगरबत्ती और धूप
माचिस
कुमकुम
हल्दी
चावल (अक्षत)
जनेऊ
मिठाइयां
आम के पत्ते
नारियल
फूल और फल
मिट्टी के दीपक
नई झाड़ू
गंगाजल और कलश
चांदी/सोने के सिक्के
लाल कपड़ा
धनतेरस पूजा कैसे करें
धनतेरस के दिन अपने पूजा स्थल को साफ करें। इसके सामने एक छोटी सी रंगोली बनाएं। ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में एक चौकी रखें और उसके पास कलश स्थापित करें। माना जाता है कि धनतेरस के दिन कलश स्थापित करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। इसके बाद, चौकी पर देवी लक्ष्मी, भगवान धन्वंतरि, भगवान कुबेर और भगवान गणेश की मूर्तियां या चित्र स्थापित करें। उन्हें हल्दी, चंदन का लेप, कुमकुम, फूल, मालाएं, अक्षत , धूप, दीपक और मिठाइयां अर्पित करें।
धनतेरस पर दीपक जलाना
इसके बाद, कुल 13 दीपक जलाएं। देवी-देवताओं को भोग लगाएं और आरती करें। फिर, इन दीपकों को अपने घर के अलग-अलग हिस्सों में रखें। इनमें से चार दीपक अपने घर के मुख्य द्वार के दक्षिण दिशा में रखें। ये दीपक यमराज, चित्रगुप्त और यमदूतों के लिए होते हैं।
Trending Video
धनतेरस पूजा और पूजन सामग्री का महत्व
धनतेरस कार्तिक मास के तेरहवें दिनको मनाया जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, देवी लक्ष्मी, भगवान गणेश और भगवान कुबेर की विशेष श्रद्धा के साथ पूजा की जाती है। माना जाता है कि इसी दिन भगवान धन्वंतरि समुद्र मंथन के दौरान अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसी कारण इस त्योहार को धनतेरस या धन-त्रयोदशी कहा जाता है। प्राचीन परंपरा के अनुसार, धनतेरस पर पूजा करने से अच्छे स्वास्थ्य और सुखी जीवन का आशीर्वाद मिलता है। इसके अलावा, कुबेर, गणेश और लक्ष्मी की पूजा करने से भक्त को धन, समृद्धि और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
धनतेरस पूजा में इस्तेमाल होने वाली हर वस्तु का अपना विशेष महत्व है: जैसे कि गंगाजल पवित्रता का प्रतीक है, दीपक प्रकाश का प्रतिनिधित्व करता है, कपूर शुद्धता को दर्शाता है, और फूल भक्ति के प्रतीक हैं। इसलिए, पारंपरिक और निर्धारित तरीके से पूजा करने के लिए इन सभी सामग्रियों का होना आवश्यक है। यह भी पढ़ें
(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।)