Diwali Festival: दीपावली केवल धन और वैभव की कामना करने का पर्व नहीं है, बल्कि यह जीवन में अंधकार को दूर करके ज्ञान, प्रेम और सकारात्मकता का प्रकाश फैलाने का संदेश भी देता है।
Diwali Shubh Muhurat: दीपावली हिंदू धर्म के सबसे प्रमुख और पवित्र त्योहारों में से एक है। यह पर्व हर साल कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। दीपावली को रोशनी, खुशियों और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीराम 14 वर्ष का वनवास पूरा करके अयोध्या लौटे थे। उनके स्वागत में अयोध्यावासियों ने पूरे नगर को दीपों से सजाया था। तभी से दीपावली पर दीप जलाने की परंपरा चली आ रही है। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की विशेष पूजा की जाती है। मान्यता है कि दीपावली की रात शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि, खुशहाली और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।
हिंदू धर्म में मां लक्ष्मी को धन, वैभव, ऐश्वर्य और सुख-समृद्धि की देवी माना गया है। दीपावली के दिन उनकी विशेष पूजा-अर्चना करने का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक अमावस्या की रात मां लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और स्वच्छ, सुंदर तथा प्रकाश से जगमगाते घरों में प्रवेश करती हैं। यही कारण है कि दीपावली से पहले लोग अपने घरों की साफ-सफाई करते हैं और उन्हें फूलों, रंगोली तथा दीपों से सजाते हैं।
मान्यता है कि इस दिन मां लक्ष्मी की सच्चे मन से पूजा करने से परिवार में आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं और घर में धन-धान्य की कमी नहीं रहती। हालांकि, मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए केवल पूजा-पाठ ही नहीं, बल्कि घर में अच्छे विचार, मेहनत, ईमानदारी और आपसी प्रेम बनाए रखना भी जरूरी माना जाता है।
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दीपावली 2026 की शुभ तिथि
वर्ष 2026 में दीपावली का पर्व 8 नवंबर, रविवार को मनाया जाएगा। इस दिन कार्तिक मास की अमावस्या तिथि रहेगी। दीपावली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के लिए प्रदोष काल और स्थिर लग्न को विशेष महत्व दिया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष काल में की गई पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। पूजा का शुभ मुहूर्त तय करते समय स्थानीय सूर्योदय, सूर्यास्त, प्रदोष काल और लग्न का ध्यान रखना चाहिए। अलग-अलग शहरों में पूजा के समय में अंतर हो सकता है। इसलिए अपने शहर के पंचांग के अनुसार लक्ष्मी पूजन का समय अवश्य देख लें।
लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: शाम 05:54 बजे से रात 07:50 बजे तक
प्रदोष काल: शाम 05:31 बजे से रात 08:09 बजे तक
वृषभ काल (स्थिर लग्न): शाम 05:54 बजे से रात 07:50 बजे तक
निशिता काल: रात 11:39 बजे से 12:31 बजे तक
सिंह लग्न: रात 12:25 बजे से 02:42 बजे तक (09 नवंबर)
मां लक्ष्मी की पूजा के लिए कैसे करें तैयारी?
दीपावली पर मां लक्ष्मी की पूजा करने से पहले घर और पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करनी चाहिए। पूजा के स्थान पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाकर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद पूजा की थाली में रोली, अक्षत, हल्दी, चंदन, फूल, धूप, दीपक, कपूर, मिठाई, फल और बताशे रखें। मां लक्ष्मी को कमल का फूल विशेष प्रिय माना जाता है। इसलिए पूजा में कमल का फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा भगवान गणेश को दूर्वा और मोदक या लड्डू अर्पित कर सकते हैं। पूजा के दौरान घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं और रंगोली बनाकर घर को सजाएं।
इस विधि से करें मां लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा
दीपावली की शाम शुभ मुहूर्त में पूजा शुरू करें। सबसे पहले भगवान गणेश का ध्यान करके उनकी पूजा करें।
इसके बाद मां लक्ष्मी का आह्वान करें और उन्हें फूल, अक्षत, रोली, चंदन तथा मिठाई अर्पित करें।
मां लक्ष्मी के सामने घी का दीपक जलाएं और धूप-दीप दिखाएं।
इसके बाद मां लक्ष्मी और भगवान गणेश के मंत्रों का जाप करें।
पूजा के दौरान श्रीसूक्त, लक्ष्मी चालीसा और गणेश चालीसा का पाठ करना भी शुभ माना जाता है।
अंत में परिवार के सभी सदस्य मिलकर मां लक्ष्मी और गणेश जी की आरती करें।
आरती के बाद घर के सभी कमरों, मुख्य द्वार और आंगन में दीपक जलाएं।
दीपावली पर क्या करें?
दीपावली के दिन घर की अच्छी तरह साफ-सफाई करें और मुख्य द्वार को फूलों, रंगोली और दीपों से सजाएं।
शुभ मुहूर्त में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करें।
पूजा में कमल का फूल, फल, मिठाई और बताशे अर्पित करें।
घर के मुख्य द्वार और पूजा स्थल पर घी या तेल के दीपक जलाएं।
जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र और धन का दान करें।
परिवार के सभी सदस्यों के साथ मिलकर मां लक्ष्मी की आरती करें और सुख-समृद्धि की कामना करें।
दीपावली पर क्या नहीं करें?
दीपावली के दिन घर में गंदगी और कबाड़ इकट्ठा करके न रखें।
पूजा के समय किसी से झगड़ा या अपशब्द न कहें।
मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा अधूरी न छोड़ें।
घर के मुख्य द्वार और पूजा स्थल पर अंधेरा न रहने दें।
इस दिन किसी जरूरतमंद व्यक्ति का अपमान न करें और दिखावे या फिजूलखर्ची से बचें।
दीपक जलाते समय सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें और पटाखों का इस्तेमाल सावधानी से करें।
दीपावली की रात इन बातों का रखें विशेष ध्यान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दीपावली के दिन घर को साफ-सुथरा रखना चाहिए। पूजा के समय मन में किसी के प्रति द्वेष, ईर्ष्या या नकारात्मक विचार नहीं रखने चाहिए। इस दिन जरूरतमंद लोगों को भोजन, वस्त्र और धन का दान करना भी शुभ माना जाता है। घर के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लें और परिवार के सदस्यों के साथ प्रेम और सद्भाव से त्योहार मनाएं। दीपावली केवल धन और वैभव की कामना करने का पर्व नहीं है, बल्कि यह जीवन में अंधकार को दूर करके ज्ञान, प्रेम और सकारात्मकता का प्रकाश फैलाने का संदेश भी देता है। इसलिए इस शुभ अवसर पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की श्रद्धापूर्वक पूजा करें और अपने जीवन में सुख, शांति तथा समृद्धि की कामना करें।
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।