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Diwali Puja: दिवाली पर घर के किन-किन स्थानों पर जलाएं दीपक? जानें परंपरा और महत्व

जीवांजलि धर्म डेस्कPublished by:
नीरज के. पटेल
सार

Diwali Rituals: दिवाली पर घर के अलग-अलग स्थानों पर दीपक जलाने की परंपरा केवल धार्मिक आस्था से ही नहीं, बल्कि प्रकाश, सकारात्मकता, सुख-शांति और समृद्धि के संदेश से भी जुड़ी हुई है।
 

Diwali Rituals
Diwali Lamp Lighting Tradition: दिवाली हिंदू धर्म का सबसे प्रमुख और पवित्र त्योहार माना जाता है। यह पर्व अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस दिन लोग अपने घरों को साफ-सुथरा करके सजाते हैं और शाम के समय दीपक जलाकर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करते हैं। मान्यता है कि दिवाली की रात घर में दीपक जलाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मां लक्ष्मी का आगमन होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दिवाली पर केवल पूजा स्थल पर ही नहीं, बल्कि घर के कई अन्य स्थानों पर भी दीपक जलाने की परंपरा है। आइए जानते हैं कि दिवाली पर घर के किन-किन स्थानों पर दीपक जलाना शुभ माना जाता है और इसका क्या महत्व है।

मुख्य द्वार पर जलाएं दीपक

दिवाली के दिन घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाना बेहद शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मुख्य द्वार से ही मां लक्ष्मी घर में प्रवेश करती हैं। इसलिए इस दिन दरवाजे के दोनों ओर दीपक जलाने चाहिए। इससे घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आने की मान्यता है। मुख्य द्वार को रंगोली और फूलों से सजाकर दीपक जलाने से घर का वातावरण भी सुंदर और सकारात्मक बनता है।

पूजा घर में जरूर जलाएं दीपक

दिवाली पर सबसे पहले घर के मंदिर या पूजा स्थल में दीपक जलाना चाहिए। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। पूजा के समय घी या तेल का दीपक जलाकर भगवान के सामने रखना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे परिवार पर देवी-देवताओं की कृपा बनी रहती है और जीवन में सुख-शांति आती है।

तुलसी के पौधे के पास जलाएं दीपक

हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को बेहद पवित्र माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि तुलसी में मां लक्ष्मी का वास होता है। दिवाली की शाम तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और परिवार के सदस्यों पर भगवान विष्णु की कृपा रहती है।

रसोई घर में भी जलाएं दीपक

दिवाली पर रसोई घर में दीपक जलाने की भी परंपरा है। रसोई को अन्नपूर्णा का स्थान माना जाता है। यहां दीपक जलाकर मां अन्नपूर्णा का आभार व्यक्त किया जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में कभी अन्न और धन की कमी नहीं होती। दीपक हमेशा सुरक्षित स्थान पर रखें, जहां आग लगने का खतरा न हो।

घर की छत और बालकनी में जलाएं दीपक

दिवाली के दिन घर की छत, बालकनी और आंगन में दीपक जलाने की परंपरा भी काफी पुरानी है। माना जाता है कि दीपकों की रोशनी से पूरा घर प्रकाशित होता है और वातावरण में सकारात्मकता आती है। पुराने समय में लोग अपने घरों की छतों पर दीपक जलाते थे, जिससे आसपास का पूरा क्षेत्र रोशनी से जगमगा उठता था।

खिड़कियों और आंगन में जलाएं दीपक

दिवाली की शाम घर की खिड़कियों और आंगन में भी दीपक जलाने चाहिए। मान्यता है कि घर के हर कोने में प्रकाश करने से नकारात्मकता दूर होती है। आंगन में दीपक जलाने से घर में खुशहाली और शांति बनी रहने की कामना की जाती है।

जलाएं एक दीपक यम के नाम

दिवाली के अवसर पर यमराज के नाम से भी दीपक जलाने की परंपरा है। इसे यम दीपक कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह दीपक परिवार के सदस्यों की लंबी आयु और अकाल मृत्यु से रक्षा की कामना के लिए जलाया जाता है। इसे घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर रखने की परंपरा है।

इन बातों का रखें ध्यान

दिवाली पर दीपक जलाते समय स्वच्छता और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। दीपक को हमेशा साफ स्थान पर रखें और कोशिश करें कि उसमें शुद्ध घी या तिल अथवा सरसों के तेल का इस्तेमाल करें। दीपक ऐसी जगह रखें जहां बच्चों और पालतू जानवरों की पहुंच न हो। साथ ही जलते हुए दीपक को पर्दों, कागज और ज्वलनशील वस्तुओं से दूर रखें। इस तरह दिवाली पर घर के अलग-अलग स्थानों पर दीपक जलाने की परंपरा केवल धार्मिक आस्था से ही नहीं, बल्कि प्रकाश, सकारात्मकता, सुख-शांति और समृद्धि के संदेश से भी जुड़ी हुई है।

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

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