Badrinath Temple : सनातन धर्म के चार धामों में से एक भगवान विष्णु का निवास स्थान है। इसे बद्रीनाथ धाम कहा जाता है। यह उत्तराखंड राज्य में अलकनंदा नदी के तट पर नर और नारायण नामक दो पर्वतों के बीच स्थित है। चार धामों में बद्रीनाथ, द्वारिका, जगन्नाथ जी और रामेश्वरम शामिल हैं।
Badrinath Temple : सनातन धर्म के चार धामों में से एक भगवान विष्णु का निवास स्थान है। इसे बद्रीनाथ धाम कहा जाता है। यह उत्तराखंड राज्य में अलकनंदा नदी के तट पर नर और नारायण नामक दो पर्वतों के बीच स्थित है। चार धामों में बद्रीनाथ, द्वारिका, जगन्नाथ जी और रामेश्वरम शामिल हैं। बद्रीनाथ धाम को बद्रीविशाल भी कहा जाता है। बद्रीनाथ धाम की यात्रा के साथ-साथ व्यक्ति को केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री धाम की यात्रा भी करनी चाहिए। हर साल नवंबर के महीने में बद्रीनाथ धाम में मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। इसके खुलने का समय आ गया है। आइए जानते हैं कब खुलेंगे भगवान बद्रीनाथ के कपाट।
बद्रीनाथ में घूमने लायक जगहें
बद्रीनाथ में स्थित भगवान विष्णु की वेदी के अलावा मुख्य मंदिर के साथ कई प्राचीन स्थल भी हैं। अलकनंदा नदी के तट पर तप्तकुंड। ब्रह्म कपाल, शेष नेत्र, भगवान विष्णु के पैरों के निशान, बर्फ से ढका ऊंचा शिखर, नीलकंठ है। यह हिमालय की गोद में बसा एक बेहद खूबसूरत तीर्थस्थल है।
बद्रीनाथ मंदिर का महत्व
शास्त्रों के अनुसार, चार धामों में प्रमुख बद्रीनाथ धाम के दर्शन करने वाले व्यक्ति को दोबारा गर्भ में नहीं आना पड़ता। यानी उस व्यक्ति को दोबारा जन्म नहीं लेना पड़ता। शास्त्रों के अनुसार, बद्रीनाथ धाम के दर्शन करने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। बद्रीनाथ धाम में एक अखंड ज्योति जलती है। जिसे जगत के पालनहार भगवान विष्णु का रूप माना जाता है। बद्रीनाथ धाम में बद्री विशाल मंदिर का निर्माण आठवीं शताब्दी में आदि शंकराचार्य ने करवाया था। भगवान विष्णु ने स्वयं इस स्थान पर ध्यान लगाया था।