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Anant Chaturdashi Kab Hai: कब है अनंत चतुर्दशी , जानिए तिथि, पूजा का मुहूर्त और महत्व

जीवांजलि धर्म डेस्कPublished by:
कोमल शर्मा
सार

 Anant Chaturdashi Kab Hai:  हिंदू कैलेंडर  के अनुसार, अनंत चतुर्दशी का त्योहार हर साल भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी  को मनाया जाता है। इसे अनंत चौदस के नाम से भी जाना जाता है।

 Anant Chaturdashi Kab Hai
 Anant Chaturdashi Kab Hai:  हिंदू कैलेंडर  के अनुसार, अनंत चतुर्दशी का त्योहार हर साल भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी  को मनाया जाता है। इसे अनंत चौदस के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी के साथ-साथ शेषनाग की भी पूजा की जाती है। यह दिन गणेश उत्सव के समापन का भी प्रतीक है, जब भगवान गणेश का विसर्जन किया जाता है। इसके अलावा 'अनंत सूत्र' बांधने की परंपरा भी है; इस धागे में 14 गांठें होती हैं, इसे भगवान विष्णु को अर्पित किया जाता है और फिर अपनी बांह पर बांधा जाता है। खास बात यह है कि 2026 में अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर को पड़ रही है। आइए अनंत चतुर्दशी से जुड़ी सही तारीख, शुभ समय, गणेश विसर्जन का समय और अन्य जानकारियों पर नज़र डालें।

अनंत चतुर्दशी 2026 कब है?

दृक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि 24 सितंबर को रात 11:18 बजे शुरू होगी और 25 सितंबर को रात 11:08 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर, अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी। इसी दिन गणेश विसर्जन भी होगा।

अनंत चतुर्दशी 2026 पूजा का मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी की पूजा का शुभ समय सुबह 6:11 बजे से सुबह 11:06 बजे तक है। 
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 4:35 बजे से प्रातः 5:23 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:37 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:13 बजे से 3:01 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:14 बजे से शाम 6:38 बजे तक
रवि योग: सुबह 6:11 बजे से 11:22 बजे तक

अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन

शास्त्रों के अनुसार, भाद्रपद महीने में शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि यानी अनंत चतुर्दशी-गणेश उत्सव का अंतिम दिन होता है। इस दिन गणेश प्रतिमा के विसर्जन के साथ दस दिवसीय गणेश उत्सव का समापन होता है। 
गणेश विसर्जन के लिए शुभ चौघड़िया मुहूर्त- 25 सितंबर, 2026
प्रातःकाल का मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत) – प्रातः 06:11 बजे से प्रातः 10:42 बजे तक
दोपहर का मुहूर्त (चार) - शाम 04:44 बजे से शाम 06:14 बजे तक
दोपहर का मुहूर्त (शुभ)- 12:13 PM से 01:43 PM तक
रात्रि मुहूर्त (लाभ) – रात्रि 09:14 बजे से रात्रि 10:43 बजे तक
रात्रि मुहूर्त (शुभ, अमृत, चर) – 12:13 पूर्वाह्न से 04:42 पूर्वाह्न (26 सितंबर)

अनंत चतुर्दशी 2026 का महत्व

हिंदू धर्म में अनंत चतुर्दशी का विशेष महत्व है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार अनंत चतुर्दशी मनाने की परंपरा महाभारत काल से चली आ रही है। सृष्टि की शुरुआत में, भगवान ने चौदह लोक  बनाए तल, अतल, वितल, सुतल, तलातल, रसातल, पाताल, भू, भुवः, स्वः, जन, तप, सत्य और महः। उन्होंने उनकी रक्षा के लिए चौदह रूपों में अवतार लिया और इस दौरान वे अनंत रूप में प्रकट हुए। इसी वजह से, अनंत चतुर्दशी के दिन हाथ पर 'अनंत सूत्र'  बांधा जाता है, जिसमें इन चौदह लोकों को दर्शाने वाली चौदह गांठें होती हैं। माना जाता है कि इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करने और यह अनंत सूत्र अर्पित करने से अनंत आशीर्वाद मिलता है, जिसमें खुशी, समृद्धि और धन-संपत्ति शामिल हैं।

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(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।)

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