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Jagannathpuri Mandir Ka Rahasya: जगन्नाथ पुरी मंदिर की सीढ़ी से क्या है यमराज का संबंध? जानें रहस्य

जीवांजलिPublished by:
राघवेंद्र तिवारी
सार

Jagannathpuri Mandir Ka Rahasya: जगन्नाथ पूरी मंदिर भारत देश के ओडिशा राज्य में स्थित है। यहां पर भगवान जगन्नाथ यानी श्री कृष्ण की पूजा विधि-विधान से की जाती है। जगन्नाथ मंदिर वैष्णव धर्म को मानने वाले लोगों के लिए चार धाम यात्रा में से एक है।

Jagannathpuri Mandir Ka Rahasya
Jagannathpuri Mandir Ka Rahasya: जगन्नाथ पूरी मंदिर भारत देश के ओडिशा राज्य में स्थित है। यहां पर भगवान जगन्नाथ यानी श्री कृष्ण की पूजा विधि-विधान से की जाती है। जगन्नाथ मंदिर वैष्णव धर्म को मानने वाले लोगों के लिए चार धाम यात्रा में से एक है। जगन्नाथ पुरी मंदिर को लेकर कई सारी मान्यताएं हैं। कहा जाता है कि जगन्नाथ पुरी मंदिर में भगवान श्री कृष्ण का दिल धड़कता है।

यहां भगवान श्री कृष्ण के दर्शन मात्र से ही व्यक्ति की सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। इसके साथ ही सभी पाप भी धूल जाते हैं। इसी कारण से यहां प्रत्येक साल लाखों-करोड़ों श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते-जाते हैं। लेकिन खास बात यह है कि मंदिर की सीढ़ियों में एक अलग ही प्रकार का रहस्य छुपा हुआ है, जिसमें यदि आप थोड़ी सी भी गलती की, तो आपके सारे पुण्य नष्ट हो जाते हैं। तो आज इस खबर में जगन्नाथ पुरी मंदिर के सीढ़ियों के रहस्यों के बारे में विस्तार से जानते हैं।

क्या है सीढ़ियों का रहस्य

कहा जाता है कि जगन्नाथ मंदिर के प्रमुख दरवाजे के सीढ़ियों का एक अनोखा संबंध यमराज जी से हैं। पौराणिक और धार्मिक कथाओं के अनुसार, जगन्नाथ मंदिर की सीढ़ियों पर यमराज का वास होता है। जिसके वजह से यहां पर कोई भी भक्त कदम नहीं रखता है। सीढ़ियों से जुड़ी एक और पौराणिक कथा भी है। 

पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब भी लोग भगवान जगन्नाथ के दर्शन करके पाप मुक्त होने लगे थे, तो यह देखकर यमराज जी भगवान श्री जगन्नाथ के पास पहुंचे और उनसे कहा कि, भगवन इस मंदिर में लोग आपके दर्शन करके सारे पाप मुक्त हो जा रहे हैं। यह एक सरल उपाय है। लोग आपके दर्शन मात्र से ही सारे पापों से मुक्त हो जा रहे हैं और मोक्ष पाने लगे हैं। ऐसे में कोई भी आत्मा यमलोक तक नहीं आती।

यमराज जी की बात सुनकर भगवान जगन्नाथ ने कहा कि आप मंदिर के मुख्य द्वार की तीसरी सीढ़ी पर स्थान ग्रहण लीजिए। जिस जगह पर आप विराजमान रहेंगे उसे यम शिला के रूप से जाना जाएगा। भगवान जगन्नाथ ने कहा कि जो भी व्यक्ति मेरे दर्शन करने के बाद उस शिला पर पैर रखेगा, उसके सारे पाप शून्य हो जाएंगे और उसे यमलोक जाना पड़ेगा।

कितने हैं जगन्नाथ मंदिर में सीढ़ियां

बता दें कि जगन्नाथ मंदिर में कुल सीढ़ियों की संख्या 22 हैं, जिसमें से प्रवेश करते समय जो तीसरी सीढ़ी है, वह यमराज की सीढ़ी कही जाती है। मंदिर में प्रवेश करते समय तो इस सीढ़ी पर पैर रख सकते हैं लेकिन उतरते समय इस सीढ़ी पर पैर रखना वर्जित होता है, क्योंकि इस सीढ़ी पर यमराज का वास होता है। इस सीढ़ी का रंग काला है।

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