Mahakumbh Mein Dharm Sansad: महाकुंभ में धर्म संसद चल रही है। इसमें सनातन बोर्ड के गठन की घोषणा की जाएगी। अखाड़ों ने धर्म संसद का बहिष्कार किया। 13 प्रमुख अखाड़ों में से अधिकांश मौजूद नहीं हैं।
Mahakumbh Mein Dharm Sansad: महाकुंभ में धर्म संसद चल रही है। इसमें सनातन बोर्ड के गठन की घोषणा की जाएगी। अखाड़ों ने धर्म संसद का बहिष्कार किया। 13 प्रमुख अखाड़ों में से अधिकांश मौजूद नहीं हैं। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी महाराज भी नहीं पहुंचे। साधु-संतों की मौजूदगी में देवकीनंदन ठाकुर ने कहा- हमने बहुत सहन कर लिया, अब और सहन नहीं करेंगे। हमें अपना हक मिलेगा।
उन्होंने कहा- हिंदू पाकिस्तान छोड़कर यहां आए, उनका ठिकाना कहां गया। पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदू बोर्ड क्यों नहीं है। अगर इन देशों में हिंदू बोर्ड नहीं है तो भारत में वक्फ बोर्ड क्या कर रहा है। देवकीनंदन बोले- मुझे कोई पद नहीं चाहिए।
अखाड़ों के बहिष्कार पर देवकीनंदन ठाकुर ने कहा- लोगों में चर्चा थी कि मैं सनातन बोर्ड का अध्यक्ष बनना चाहता हूं, इसीलिए यह सब कर रहा हूं। आज मैं साफ कर देना चाहता हूं कि मुझे कोई पद या प्रतिष्ठा नहीं चाहिए। मैं कसम खाता हूं कि मुझे कोई पद नहीं चाहिए था। मैं सिर्फ सनातन की रक्षा करना चाहता हूं।
देवकीनंदन ठाकुर ने जगद्गुरु श्रीजी महाराज और जगद्गुरु विद्या भास्कर को एक हलफनामा भी सौंपा, जिसमें उन्होंने दोहराया है कि वे सनातन बोर्ड में कोई पद नहीं लेंगे।
धर्म संसद में रखे गए ये प्रमुख प्रस्ताव
सनातन बोर्ड लागू किया जाए।
देश भर के मंदिरों से सरकारी नियंत्रण हटाया जाए।
हर बड़े मंदिर में गौशाला बनाई जाए।
गरीब हिंदू परिवारों को धर्मांतरण रोकने के लिए गौशाला को आर्थिक मदद दी जाए।
सनातन हिंदुओं के दूसरे धर्मों में विवाह रोकने के लिए प्रयास किए जाएं।
देवकीनंदन ठाकुर ने कही ये बड़ी बात
'भगवान को क्या भोग लगाया जाएगा, यह डीएम तय नहीं करेंगे' देवकीनंदन ने कहा- सनातन बोर्ड बना तो हर मंदिर में गौशाला बनाई जाएगी। गायें सड़क पर नहीं दिखेंगी। गौशाला में उनकी सेवा की जाएगी। मंदिर के पैसे से गुरुकुल बनाया जाएगा, औषधालय बनाए जाएंगे। नारायण के धन से नर की सेवा की जाएगी।