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Maha Kumbh 2025: महाकुंभ में 11 करोड़ वैदिक मंत्र और 125 करोड़ आहुति से होगा दुनिया का सबसे बड़ा यज्ञ

जीवांजलीPublished by:
राघवेंद्र तिवारी
सार

Mahakumbh 2025: प्रयागराज में महाकुंभ की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में कई साधु-संत आकर्षण का केंद्र बन गए हैं और भक्तों को खूब पसंद आ रहे हैं। ऐसे ही एक बाबा हैं मौनी बाबा। महाकुंभ में इस बाबा का भव्य शिविर भक्तों के आकर्षण का केंद्र है।

Mahakumbh 2025
Mahakumbh 2025: प्रयागराज में महाकुंभ की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में कई साधु-संत आकर्षण का केंद्र बन गए हैं और भक्तों को खूब पसंद आ रहे हैं। ऐसे ही एक बाबा हैं मौनी बाबा। महाकुंभ में इस बाबा का भव्य शिविर भक्तों के आकर्षण का केंद्र है। इस शिविर में भव्यता और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। इस शिविर में 12 ज्योतिर्लिंग बनाए गए हैं, जिसके लिए 5.51 करोड़ रुद्राक्ष और 11,000 त्रिशूल का इस्तेमाल किया गया है। इतना ही नहीं इस शिविर में 108 कुंड स्थापित किए गए हैं। माना जा रहा है कि यह यज्ञ दुनिया के सबसे बड़े यज्ञों में से एक होने वाला है।

शिविर में वैदिक मंत्रों का जाप 

जानकारी के मुताबिक, मौनी बाबा के शिविर में 125 करोड़ आहुति और 11 करोड़ वैदिक मंत्रों का जाप किया जाएगा। इन धार्मिक अनुष्ठानों से संगम नगरी का माहौल धार्मिक उल्लास से गूंज उठेगा। यह आयोजन आध्यात्मिक अनुभव और महाकुंभ के महत्व को और बढ़ाता है। मीडिया से बात करते हुए मौनी बाबा ने बताया कि शिविर में 12 ज्योतिर्लिंग बनाए गए हैं, जो देश की रक्षा, सुरक्षा, भारत के गौरव, आतंकवाद के विनाश और काशी-मथुरा मंदिर निर्माण के लिए बनाए गए हैं।

मजबूत अर्थव्यवस्था की कामना

इन ज्योतिर्लिंगों के निर्माण का उद्देश्य देश में हिंदुओं की रक्षा और भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था की कामना करना है। आपको बता दें, महाकुंभ के दूसरे दिन मकर संक्रांति पर अमृत स्नान के दौरान संगम तट पर 3.50 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। इसकी जानकारी खुद सीएम योगी आदित्यनाथ ने दी। उन्होंने बताया कि मंगलवार को पहले अमृत स्नान पर 3.50 करोड़ से अधिक साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाई। मान्यता है कि इससे श्रद्धालुओं को काफी पुण्य मिलता है।

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