Jyotish Mahakumbh Mahotsav : अनिल वत्स भारत के एक प्रसिद्ध, सर्वश्रेष्ठ और शीर्ष ज्योतिषी है। आचार्य अनिल वत्स सूर्य के समान आकर्षण, बौद्धिक मन, आकर्षक शब्द और महान आध्यात्मिक शोधों से भरे हुए हैं।
Jyotish Mahakumbh Mahotsav : अनिल वत्स भारत के एक प्रसिद्ध, सर्वश्रेष्ठ और शीर्ष ज्योतिषी है। आचार्य अनिल वत्स सूर्य के समान आकर्षण, बौद्धिक मन, आकर्षक शब्द और महान आध्यात्मिक शोधों से भरे हुए हैं। साथ ही ये वेदों, पुराणों और उपनिषदों के महान ज्ञान से पूर्ण है। बता दें कि आचार्य अनिल वत्स इस समय प्रयागराज में अमर उजाला ज्योतिष महाकुंभ महोत्सव में आए हुए हैं। उन्होंने इस महोत्सव में वैदिक ज्योतिष के रहस्यों के बारे में बताया है।
नक्षत्रों में होता है हमारे कर्मों का लेखा-जोखा
आचार्य अनिल वत्स ने बताया कि जब कोई व्यक्ति अपना शरीर छोड़ता है तो उसका पूरा डाटा नक्षत्रों के पास होता है। उन्होंने बताया कि नक्षत्रों में हमारे इस जन्म के साथ-साथ पिछले जन्म के कर्मों का भी लेखा-जोखा होता है।
'पिछले जन्मों की यात्रा के रहस्यों को जानना जरूरी'
'जीवन को दिशा देने वाले अद्भुत मंत्र' विषय पर उन्होंने कहा कि ज्योतिष को वेदों का शुद्ध नेत्र कहा गया है। नेत्र का अर्थ है जो देख सके, जो अंधकार को दूर कर सके। सत्य और असत्य का निर्णय कर सके। अच्छे-बुरे, पाप-पुण्य का बोध करा सके। जन्म लेने वाला जीव सबसे पहले 27 तत्वों से बना होता है। मृत्यु 10 तत्वों को छीन लेती है। इनमें से पांच पंचतत्व हैं और शेष पांच पंचप्राण। 17 तत्व तय करते हैं कि उनके माता-पिता कौन होंगे। 17 तत्वों से बना सूक्ष्म जीव मां के गर्भ में आता है। अपने पिछले जन्मों की यात्रा के रहस्यों को जानना जरूरी है। थॉमस अल्वा एडिसन भी अपने आविष्कार अपने साथ नहीं ले जा सके। यहीं पर ज्योतिष का महत्व हो जाता है। ज्योतिष एक महान ग्रंथ है जो हमें पिछले जन्मों की याद दिलाता है।