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Mahesh Navami 2025 Date: जून में कब है 'महेश नवमी' का पर्व, जानें तिथि और पूजा विधि

जीवांजलि धर्म डेस्कPublished by:
निधि
सार

 भगवान महादेव की पूजा करने के लिए 4 जून 2025 को ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को महेश नवमी के रूप में मनाया जाएगा।

Mahesh Navami 2025 Date
 भगवान महादेव की पूजा करने के लिए 4 जून 2025 को ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को महेश नवमी के रूप में मनाया जाएगा। भगवान की कृपा पाने के लिए महादेव के साथ माता पार्वती की पूजा की जाती है। सभी प्रकार के दुखों और कष्टों से मुक्ति पाने के लिए देवाधिदेव महादेव प्रसन्न होते हैं। महेश नवमी का व्रत भीषण गर्मी में किया जाता है। आज हम आपको महेश नवमी व्रत की विधि, मंत्र  के बारे में विस्तार से बताएंगे।

महेश नवमी 2025 तिथि और शुभ मुहूर्त

बुधवार, 4 जून 2025 को महेश नवमी

नवमी तिथि आरंभ - 03 जून 2025 को रात्रि 09:56 बजे

नवमी तिथि समाप्त - 04 जून 2025 रात्रि 11:54 बजे

 इस अवधि में आपको पूजा का पूरा लाभ मिलेगा।

अभिजीत मुहूर्त

कोई नहीं

अमृत काल

शाम 07:36 बजे से रात 09:23 बजे तक

सर्वार्थ सिद्धि योग

03:35 पूर्वाह्न, 05 जून से 05:23 पूर्वाह्न, 05 जून

रवि योग

पूरे दिन

विजया मुहूर्त

दोपहर 02:38 बजे से दोपहर 03:34 बजे तक

गोधूलि मुहूर्त

सायं 07:15 बजे से सायं 07:35 बजे तक

संध्या संध्या

सायं 07:16 बजे से रात्रि 08:17 बजे तक

निशिता मुहूर्त

05 जून, रात्रि 11:59 बजे से रात्रि 12:40 बजे तक

ब्रह्म मुहूर्त

प्रातः 04:02 से प्रातः 04:43 तक

प्रातः संध्या

प्रातः 04:22 से प्रातः 05:23 तक

महेश नवमी 2025 पूजा विधि

सुबह स्नान करने के बाद भगवान शंकर का जलाभिषेक किया जाता है। एक लोटे में जल, बेलपत्र, धतूरा, फूल आदि लेकर भगवान शंकर के मंदिर जाएं और जल चढ़ाएं। महेश नवमी के दिन व्रत रखा जाता है। इस व्रत में महादेव और माता पार्वती की पूजा करें। इसके बाद आरती करें.

महेश नवमी का महत्व

ज्येष्ठ माह में महेश नवमी का विशेष महत्व है. इस नवमी तिथि को महेशनवमी के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा का विधान है. मान्यता है कि भगवान भोलेनाथ की विशेष कृपा से ही इस दिन माहेश्वरी समुदाय की उत्पत्ति हुई थी. महेश नवमी के दिन भगवान शिव के साथ माता पार्वती की भी विशेष पूजा की जाती है. ऐसा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. इस दिन व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती का स्मरण किया जाता है. इस दिन भगवान शिव का अभिषेक करने से कष्टों से मुक्ति मिलती है.

महेश नवमी 2025 मंत्र

ॐ नमः शिवाय।

ॐ पार्वतीपतये नमः

नमो नीलकण्ठाय

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