Chaitra Navratri 2025: चैत्र नवरात्रि में अब बस कुछ ही दिन बचे हैं. इन दिनों में हर कोई सच्चे मन और आत्मा से मां की पूजा-अर्चना कर उन्हें याद करता है. चैत्र नवरात्रि को देखते हुए नवरात्रि के पावन 9 दिनों के लिए कुछ खास उपाय बताए हैं, जिससे मां भगवती की कृपा आप पर हमेशा बनी रहे और आपके जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली बनी रहे. आज हर कोई अपने करियर को लेकर परेशान है, कोई अपने व्यापार, विवाह, संतान, शिक्षा को लेकर परेशान है तो कोई तंत्र बाधा, शत्रु बाधा से परेशान है. मेहनत तो कर रहे हैं लेकिन सफलता नहीं मिल रही है और इन समस्याओं को दूर करने के लिए नवरात्रि के 9वें दिन से शुभ दिन और कोई नहीं हो सकता. इन दिनों आप मां की पूजा-अर्चना और उपाय करके अपनी समस्याओं को दूर कर सकते हैं. धन कमाने की इच्छा को पूरा कर सकते हैं.
नवरात्रि के पावन 9 दिनों के लिए ये हैं 9 उपाय
1. नवरात्रि के 9 दिनों में हनुमान जी को पान का पत्ता और लाल फूलों की माला चढ़ाएं। आपकी धन संबंधी समस्याएं दूर होंगी।
2. व्यापार और नौकरी में सफलता के लिए नवरात्रि के 9 दिनों तक अपने घर के मंदिर में घी के दीपक में 5 लौंग डालकर जलाएं, ऐसा सुबह और शाम करें।
3. नवरात्रि के दौरान श्रीयंत्र, चांदी का सिक्का, कुबेर यंत्र खरीदकर घर लाएं और मां दुर्गा के चरणों में रखकर रोजाना पूजा करें। फिर रामनवमी के दिन इसे अपनी तिजोरी में रखें, इससे आपको मां लक्ष्मी की कृपा मिलेगी।
4. श्री सूक्त का पाठ करें, श्री सूक्त का पाठ करने से सुख-समृद्धि आती है और घर का माहौल खुशनुमा रहता है।
5. नवरात्रि के 9 दिनों में देवी मां के मंदिर में लाल झंडा चढ़ाएं।
6. जरूरतमंदों की मदद करें।
7. अखंड वैवाहिक सुख के लिए किसी विवाहित महिला को सुहाग का सामान उपहार में दें।
8. इन 9 दिनों में अपनी मां, बहनों और घर की महिलाओं को खास महसूस कराएं, उनके लिए उपहार लेकर जाएं।
9. सुबह और शाम की पूजा के बाद पूरे घर में गंगाजल छिड़कें।
मां लक्ष्मी आरती
ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता
तुमको निशदिन सेवत, मैया जी को निशदिन सेवत हरि विष्णु विधाता
ॐ जय लक्ष्मी माता-2
उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता
सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता
ॐ जय लक्ष्मी माता-2
दुर्गा रूप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता
जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता
ॐ जय लक्ष्मी माता-2
तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता
कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भवनिधि की त्राता
ॐ जय लक्ष्मी माता-2
जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता
सब सम्भव हो जाता, मन नहीं घबराता
ॐ जय लक्ष्मी माता-2
तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता
खान-पान का वैभव, सब तुमसे आता
ॐ जय लक्ष्मी माता-2
शुभ-गुण मन्दिर सुन्दर, क्षीरोदधि-जाता
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता
ॐ जय लक्ष्मी माता-2