facebook pixel
विज्ञापन
Home›  dharm›  vighnaraj sankashti chaturthi par kin mantron ka karein jaap jaane niyam aur dharmik mahatva

Sankashti Chaturthi: विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी पर किन मंत्रों का करें जाप? जानें नियम और धार्मिक महत्व

जीवांजलि धर्म डेस्कPublished by:
नीरज के. पटेल
सार

Mantra Jaap: विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी केवल व्रत रखने का दिन नहीं, बल्कि भगवान गणेश के प्रति श्रद्धा और भक्ति व्यक्त करने का अवसर भी है। 
 

विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी
Ganesh Puja Rules: हिंदू धर्म में भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और प्रथम पूज्य देवता माना गया है। हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान गणेश की श्रद्धापूर्वक पूजा और मंत्र जाप करने से जीवन के संकट दूर होते हैं और कार्यों में आने वाली बाधाएं कम होती हैं। विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश के विघ्नराज स्वरूप को समर्पित मानी जाती है। इस दिन व्रत और पूजा करने से सुख, समृद्धि और मानसिक शांति की प्राप्ति की कामना की जाती है।

इन मंत्रों का करें जाप

  • विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश के मंत्रों का जाप करना विशेष फलदायी माना जाता है। 
  • पूजा के दौरान सबसे सरल और लोकप्रिय मंत्र “ॐ गं गणपतये नमः” का जाप किया जा सकता है। 
  • इस मंत्र का श्रद्धा के साथ जाप करने से भगवान गणेश की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है। 
  • इसके अलावा “वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ, निर्विघ्नं कुरु मे देव शुभकार्येषु सर्वदा” मंत्र का जाप भी किया जाता है। 
  • इस मंत्र में भगवान गणेश से जीवन के सभी शुभ कार्यों को बिना किसी बाधा के पूरा करने की प्रार्थना की जाती है। 
  • भक्त अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार मंत्र का जाप कर सकते हैं।

किन नियमों का रखें ध्यान?

इस दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करने के बाद भगवान गणेश का ध्यान करना चाहिए। पूजा के स्थान को साफ करके भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। इसके बाद दीपक जलाकर भगवान को पुष्प, दूर्वा, फल और मोदक या अपनी श्रद्धा के अनुसार प्रसाद अर्पित करें। पूजा के दौरान मन को शांत रखते हुए गणेश मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है। 

संकष्टी चतुर्थी के व्रत में कई भक्त दिनभर उपवास रखते हैं और शाम को चंद्रमा के दर्शन तथा पूजा के बाद व्रत खोलते हैं। व्रत के नियम अलग-अलग परंपराओं में भिन्न हो सकते हैं, इसलिए अपनी पारिवारिक परंपरा और धार्मिक मान्यता के अनुसार व्रत करना उचित माना जाता है।

घर में सुख-समृद्धि की करें प्रार्थना

विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी केवल व्रत रखने का दिन नहीं, बल्कि भगवान गणेश के प्रति श्रद्धा और भक्ति व्यक्त करने का अवसर भी है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से गणेश जी की पूजा, मंत्र जाप और प्रार्थना करने से व्यक्ति को आत्मविश्वास और सकारात्मकता मिलती है। भगवान गणेश से जीवन के सभी विघ्न दूर करने और परिवार में सुख-शांति बनाए रखने की प्रार्थना करनी चाहिए।

ये भी पढ़ें -  विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी के दिन क्या करें और क्या नहीं? जानें नियम और महत्व

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

धार्मिक कहानियां सुनने और पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।

WhatsApp Channel