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Vaishakh Month 2025: आखिर हिंदू धर्म में क्यों श्रेष्ठ है वैशाख माह, जानें इसका महत्व

जीवांजलिPublished by:
राघवेंद्र तिवारी
सार

Vaishakh Month 2025: अंग्रेजी की तरह हिंदी में भी वैदिक पंचांग के अनुसार 12 महीने होते हैं। वैशाख मास को सभी महीनों का राजा माना जाता है। यह महीना इस संसार के रक्षक भगवान विष्णु को सबसे अधिक प्रिय है।

Vaishakh Month 2025
Vaishakh Month 2025: अंग्रेजी की तरह हिंदी में भी वैदिक पंचांग के अनुसार 12 महीने होते हैं। वैशाख मास को सभी महीनों का राजा माना जाता है। यह महीना इस संसार के रक्षक भगवान विष्णु को सबसे अधिक प्रिय है। इसका वर्णन स्कंद पुराण में मिलता है।

राजा अम्बरीष और नारद जी के बीच हुए संवाद में बताया गया कि गंगा नदी, कल्पतरु वृक्ष, गरुड़ पक्षी और वैशाख मास सर्वश्रेष्ठ हैं। शास्त्रों में वैशाख मास के लिए कुछ नियम और उपाय बताए गए हैं। इनका पालन करने से सभी प्रकार के पाप समाप्त हो जाते हैं। आइए विस्तार से वैशाख मास के महत्व को समझते हैं।

महीनों का राजा है बैशाख

नारद जी ने राजा अमरीष से कहा कि वैशाख मास सभी 12 महीनों में सर्वश्रेष्ठ है। वैदिक ज्ञान, कल्पतरु वृक्ष, कामधेनु गाय, सांपों में शेषनाग और गरुड़ पक्षी, स्वर्ण धातु, भगवान विष्णु जैसे देवताओं में सर्वश्रेष्ठ हैं। यह महीना भगवान विष्णु को सबसे अधिक प्रिय है। इस मास में पितृ यज्ञ तथा दान आदि करने से भगवान विष्णु व्यक्ति को दस हजार अश्वमेध यज्ञों का फल प्रदान करते हैं। इस मास में व्यक्ति के लिए स्नान करना आवश्यक है। नारद जी ने बताया कि जो व्यक्ति वैशाख मास में प्रतिदिन स्नान नहीं करता, उसे देवता शाप देते हैं।

वैशाख मास में दान का महत्व

नारद जी ने राजा अम्बरीष को बताया कि वैशाख मास में जल दान करने से पितर तृप्त होते हैं। इस मास में जल तथा पंखा दान करना बहुत अच्छा होता है। वैशाख मास में छाते का दान करने से व्यक्ति की आत्मा को मृत्यु के बाद शांति मिलती है तथा उसे नरक भोगना नहीं पड़ता। इस मास में लकड़ी की चप्पल या चप्पल दान करने से व्यक्ति को श्री हरि के चरणों में वैकुंठ की प्राप्ति होती है। वैशाख मास में गरीबों में भोजन बांटने, अनाज दान करने तथा सभी भौतिक वस्तुओं का दान करने से श्री हरि की असीम कृपा प्राप्त होती है। 

वैशाख माह के सर्वश्रेष्ठ होने का कारण

वैशाख माह में ग्रहों के राजा सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में तथा चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में होते हैं। यह संयोग वर्ष में केवल एक बार ही होता है। इस कारण वैशाख माह में ग्रह, नक्षत्र, योग, करण आदि कोई भी दोष प्रभावी नहीं होते। इसलिए वैशाख माह को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।

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