5 Famous Female Katha Vachak of India : सनातन धर्म के मामले में भारत दुनिया में अग्रणी है। यहां समय-समय पर भगवान ने लीलाएं भी की हैं। उन लीलाओं का वर्णन हमारे पुराणों में किया गया है। देश में कई कथावाचक हैं।
5 Famous Female Katha Vachak of India : सनातन धर्म के मामले में भारत दुनिया में अग्रणी है। यहां समय-समय पर भगवान ने लीलाएं भी की हैं। उन लीलाओं का वर्णन हमारे पुराणों में किया गया है। देश में कई कथावाचक हैं। जो इन लीलाओं का वर्णन कहानियों के रूप में आम लोगों के सामने बहुत ही दिव्य और भव्य तरीके से करते हैं। आजकल युवाओं और महिलाओं में भी कथावाचक बनने का चलन है। आज हम देश की पांच बड़ी महिला कथावाचकों के बारे में चर्चा करेंगे। जिन्होंने देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में नाम कमाया है।
जया किशोरी
जया किशोरी एक प्रसिद्ध भारतीय कथावाचक, भजन गायिका और वक्ता हैं। उनका जन्म 13 जुलाई 1995 को राजस्थान के सुजानगढ़ में एक गौड़ ब्राह्मण परिवार में हुआ था। बचपन से ही उनकी भक्ति और अध्यात्म में गहरी रुचि थी। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा कोलकाता में पूरी की और बाद में बी.कॉम की पढ़ाई की।
देवी चित्रलेखा
19 जनवरी 1997 को हरियाणा के एक ब्राह्मण परिवार में जन्मी देवी चित्रलेखा ने महज 4 साल की उम्र में ही आध्यात्म की ओर कदम बढ़ाना शुरू कर दिया था। उनके बारे में कहा जाता है कि महज 6 साल की उम्र में उन्होंने पहली बार उत्तर प्रदेश के बरसाना में करीब आधे घंटे तक माइक पर लोगों को प्रवचन दिया था। देवी चित्रलेखा देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी भागवत कथा, संगीत आदि के कार्यक्रम करती हैं।
देवी कृष्ण प्रिया जी
देवी कृष्ण प्रिया जी एक प्रसिद्ध कथावाचक और प्रेरक वक्ता हैं। उनका जन्म 26 जनवरी 1997 को मथुरा, उत्तर प्रदेश में एक धार्मिक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता एक पुजारी हैं और उनका परिवार धार्मिक मान्यताओं और प्रथाओं में गहराई से निहित है। बचपन से ही कृष्णप्रिया जी की धार्मिक गतिविधियों में रुचि थी और चार साल की उम्र में, उन्होंने नियमित रूप से आरती करना शुरू कर दिया था।
पलक किशोरी
मध्य प्रदेश के सतना की रहने वाली 24 दिसंबर 2005 को जन्मी शांभवी मिश्रा पलक किशोरी के नाम से मशहूर कथावाचक हैं। बचपन से ही वेद, पुराण और कथा सुनती आ रही पलक किशोरी ने 2021 में पहली बार सार्वजनिक तौर पर 2 घंटे तक कथा सुनाई। मशहूर कथावाचक जया किशोरी उनकी प्रेरणा हैं। कोरोना लॉकडाउन के दौरान घर पर रहकर कथा का अध्ययन कर वह बहुत कम समय में देश-दुनिया में मशहूर कथावाचक के तौर पर अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहीं।