facebook pixel
विज्ञापन
Home›  dharm›  sharad purnima daan mahatv sharad purnima par karen nee ka dan milega punya

Sharad Purnima Daan Importance : शरद पूर्णिमा पर करें इन चीजों का दान, मिलेगा पुण्य

जीवांजलि धर्म डेस्कPublished by:
कोमल शर्मा
सार

 Sharad Purnima Daan Importance :  हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा का दिन अत्यंत शुभ और पवित्र माना जाता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार यह त्योहार हर साल आश्विन महीने की पूर्णिमा को मनाया जाता है।

Sharad Purnima Daan Importance : 
Sharad Purnima Daan Importance :  हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा का दिन अत्यंत शुभ और पवित्र माना जाता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार यह त्योहार हर साल आश्विन महीने की पूर्णिमा को मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन चंद्रमा अपनी पूरी आभा के साथ चमकता है और अपनी सभी 16 कलाओं से युक्त होता है। माना जाता है कि इस दिन चंद्रमा की चांदनी से अमृत बरसता है। यही कारण है कि इस दिन चंद्रमा की पूजा करने और उनके दर्शन करने का विशेष महत्व है। लोग खीर बनाते हैं और उसे रात भर चांदनी में रखते हैं फिर अगले दिन इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से शरीर और मन शुद्ध होते हैं और उनमें नई ऊर्जा का संचार होता है। इसके अलावा शरद पूर्णिमा पर देवी लक्ष्मी और चंद्र देव की पूजा करने से घर में सुख, समृद्धि और धन-संपत्ति आती है। यह भी माना जाता है कि इस दिन किए गए दान-पुण्य और अच्छे कार्यों का अक्षय फल मिलता है जिससे देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। आइए जानते हैं कि इस दिन किस तरह का दान या कार्य करना उचित माना जाता है।

शरद पूर्णिमा की रात इतनी खास क्यों होती है?

शरद पूर्णिमा का विशेष महत्व है क्योंकि इस रात चंद्रमा अपने पूर्ण रूप में दिखाई देता है। चंद्रमा की सभी 16 कलाएं जो शांति, सुंदरता, शक्ति और ज्ञान जैसे गुणों का प्रतीक हैं पूरी तरह सक्रिय होती हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार इसी रात भगवान कृष्ण ने गोपियों के साथ 'महा रास' रचाया था। एक अन्य मान्यता के अनुसार इसी रात देवी लक्ष्मी पृथ्वी पर आती हैं इसलिए इसे 'कोजागरी पूर्णिमा' भी कहा जाता है। कहा जाता है कि जो लोग इस रात जागकर पूजा-अर्चना करते हैं देवी लक्ष्मी उनके घरों में आती हैं। ज्योतिष और आयुर्वेद दोनों के अनुसार इस रात चाँद की रोशनी में एक विशेष ऊर्जा होती है जो शरीर और मन पर प्रभाव डालती है इसी वजह से चाँदनी में खीर रखने की परंपरा शुरू हुई। माना जाता है कि चाँद की किरणें खीर में अमृत जैसे गुण भर देती हैं। 

शरद पूर्णिमा पर  किन चीजों का करें दान 

शरद पूर्णिमा पर 'दीपदान' करके सुख और समृद्धि प्राप्त करें।
शरद पूर्णिमा के शुभ अवसर पर दीपदान करना यानी दीपक जलाना और अर्पित करना बहुत ही मंगलकारी माना जाता है। आप किसी मंदिर में दीपक जला सकते हैं, या किसी पवित्र नदी या झील के जल में जलता हुआ दीपक प्रवाहित कर सकते हैं। ऐसा करने से देवी लक्ष्मी और आपके पूर्वजों का आशीर्वाद मिलता है, जिससे जीवन में सुख और समृद्धि आती है।

शरद पूर्णिमा पर अनाज का दान करना बहुत शुभ माना जाता है।
इस दिन चावल और गेहूँ जैसी चीज़ों का दान करना अत्यंत शुभ होता है। चावल दान करने से चंद्रमा की कृपा मिलती है जबकि गेहूँ दान करने से सूर्य देव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस तरह के दान से आपके घर में अनाज के भंडार हमेशा भरे रहते हैं।

शरद पूर्णिमा पर वस्त्र दान करके आध्यात्मिक संतुष्टि प्राप्त करें।
शरद पूर्णिमा पर सफेद वस्त्रों का दान करना बहुत शुभ माना जाता है। आप किसी अनाथालय या वृद्धाश्रम में कपड़े दान कर सकते हैं; इस तरह के दान से गहरी आध्यात्मिक संतुष्टि मिलती है।

शरद पूर्णिमा पर 'खीर' दान करके देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करें।
शरद पूर्णिमा की रात चाँदनी में खीर रखने और बाद में उसे खाने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है। इसके अलावा, इस दिन खीर का दान करने से देवी लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है, जिससे आपके धन-संसाधनों में कभी कमी नहीं आती।

शरद पूर्णिमा पर गुड़ का दान करके अपने रिश्तों में मिठास लाएँ।
शरद पूर्णिमा के पवित्र अवसर पर गुड़ का दान करने से रिश्तों में मिठास आती है। इसके अलावा इस तरह का दान आपकी आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव ला सकता है और धन लाभ के अवसर पैदा कर सकता है।

यह भी पढ़ें 

Sharad Purnima: शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए क्या करना चाहिए? जानिए धार्मिक महत्व

Sharad Purnima: शरद पूर्णिमा पर चंद्रमा की पूजा क्यों की जाती है? जानें धार्मिक महत्व

(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।)

धार्मिक कहानियां सुनने और पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।

WhatsApp Channel