facebook pixel
विज्ञापन
Home  dharm  saint stories  shivam sadhak ji maharaj say to in which direction should the tulsi plant be placed

Tulsi Direction: तुलसी का पौधा किस दिशा में लगाएं? शिवम साधक जी महाराज ने बताया सही स्थान

जीवांजलि धर्म डेस्कPublished by:
नीरज के. पटेल
सार

Religious Beliefs: घर में केवल तुलसी का पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी नियमित सेवा और पूजा भी आवश्यक है। तुलसी माता की कृपा से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और जीवन में आने वाली बाधाएं धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं। 
 

Shivam Sadhak Ji Maharaj
Best Direction for Tulsi Plant: सनातन धर्म में तुलसी के पौधे को अत्यंत पवित्र और पूजनीय माना गया है। तुलसी को माता लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है और भगवान विष्णु को तुलसी अति प्रिय है। यही कारण है कि लगभग हर हिंदू घर में तुलसी का पौधा लगाया जाता है और उसकी नियमित पूजा की जाती है। मान्यता है कि जिस घर में तुलसी माता का वास होता है, वहां सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है। तुलसी का पौधा केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए भी बहुत लाभकारी माना जाता है।

प्रसिद्ध कथावाचक शिवम साधक जी महाराज के अनुसार, तुलसी महारानी को घर में सही दिशा में स्थापित करना अत्यंत आवश्यक है। उनका कहना है कि तुलसी का पौधा कभी भी दक्षिण दिशा में नहीं लगाना चाहिए। शास्त्रों में दक्षिण दिशा को यमराज की दिशा माना गया है। इसलिए यदि किसी घर में तुलसी महारानी दक्षिण दिशा में स्थापित होती हैं तो उस घर के सदस्यों, विशेष रूप से संतान को अनेक प्रकार की परेशानियों और कष्टों का सामना करना पड़ सकता है।

शिवम साधक जी महाराज बताते हैं कि तुलसी लगाने के लिए सबसे शुभ दिशा पूर्व दिशा, उत्तर दिशा और उत्तर-पूर्व दिशा होती है। इनमें भी उत्तर-पूर्व दिशा अर्थात ईशान कोण को सबसे श्रेष्ठ माना गया है। यह दिशा देवताओं की दिशा कही जाती है और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र मानी जाती है। इस दिशा में तुलसी का पौधा लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

उत्तर-पूर्व दिशा क्यों मानी जाती है शुभ

वास्तु शास्त्र के अनुसार, उत्तर-पूर्व दिशा को ईशान कोण कहा जाता है। यह स्थान भगवान शिव और अन्य देवी-देवताओं का प्रिय स्थान माना गया है। जब तुलसी महारानी को इस दिशा में स्थापित किया जाता है तो घर में धार्मिक वातावरण बना रहता है। परिवार के सदस्यों के मन में सकारात्मक विचार आते हैं और जीवन में उन्नति के नए मार्ग खुलते हैं। इस दिशा में तुलसी लगाने से घर का वातावरण शुद्ध और पवित्र बना रहता है।

तुलसी माता की सेवा का महत्व

केवल तुलसी का पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी नियमित सेवा और पूजा भी आवश्यक है। शिवम साधक जी महाराज के अनुसार प्रतिदिन तुलसी माता को जल अर्पित करना चाहिए। सुबह स्नान के बाद शुद्ध मन से तुलसी के पास जाकर जल चढ़ाने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है। इसके साथ ही शाम के समय तुलसी के समीप दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। तुलसी माता की परिक्रमा करने का भी विशेष महत्व बताया गया है। श्रद्धा और भक्ति के साथ तुलसी की परिक्रमा करने से जीवन के अनेक कष्ट दूर होते हैं और मन को शांति प्राप्त होती है। नियमित रूप से तुलसी पूजा करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा भी प्राप्त होती है।

जीवन में आती है खुशहाली

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिस घर में तुलसी महारानी की विधिवत पूजा होती है, वहां कभी भी धन, सुख और समृद्धि की कमी नहीं रहती। घर का वातावरण सकारात्मक बना रहता है और परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम और सौहार्द बढ़ता है। तुलसी माता की कृपा से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और जीवन में आने वाली बाधाएं धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं। इसलिए यदि आप अपने घर में तुलसी का पौधा लगाना चाहते हैं तो उसे उत्तर, पूर्व या विशेष रूप से उत्तर-पूर्व दिशा में स्थापित करें। प्रतिदिन जल अर्पित करें, दीपक जलाएं और श्रद्धा के साथ परिक्रमा करें। ऐसा करने से तुलसी महारानी की कृपा प्राप्त होगी और जीवन में सुख, शांति तथा खुशहाली निरंतर बढ़ती चली जाएगी।

ये भी पढ़ें -  हर व्यक्ति के होते हैं 5 माता-पिता? चतुर नारायण जी महाराज ने बताया कैसे?

ये भी देखें

Dhirendra Krishna Shastri
बाबा बागेश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री
25 July 2026
Devi Neha Saraswat
देवी नेहा निधि सारस्वत
25 July 2026
Sadhvi Krishna Priya ji
कथावाचक साध्वी कृष्णप्रिया जी
25 July 2026
Rambhadracharya Ji Maharaj
श्री रामभद्राचार्य जी महाराज
24 July 2026
Chatur Narayan Ji Maharaj
कथावाचक चतुर नारायण जी महाराज
24 July 2026

धार्मिक कहानियां सुनने और पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।

WhatsApp Channel