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Sadhvi Krishnapriya Ji: जीवन में आप फेल नहीं हुए हैं, साध्वी कृष्णप्रिया जी से जानिए कैसे?

जीवांजलि धर्म डेस्कPublished by:
नीरज के. पटेल
सार

Life Lessons: जीवन को किसी एक उपलब्धि, रिश्ते या असफलता के आधार पर नहीं देखना चाहिए। जीवन बहुत बड़ा है और इसमें सफलता-असफलता के अलावा भी बहुत कुछ है। 

Sadhvi Krishnapriya ji
Inspirational Thoughts: जीवन में कई बार ऐसी परिस्थितियां आती हैं, जब हमें लगता है कि हम किसी काम में असफल हो गए हैं। परीक्षा में अच्छे अंक न आना, करियर में मनचाही सफलता न मिलना, रिश्ते का टूट जाना या आर्थिक परेशानियों से गुजरना हमें यह सोचने पर मजबूर कर देता है कि शायद हम जीवन में फेल हो गए हैं। लेकिन साध्वी कृष्णप्रिया जी के अनुसार ऐसा सोचना सही नहीं है। किसी एक परिस्थिति में मिली असफलता पूरी जिंदगी की असफलता नहीं होती।

हम अक्सर अपनी पहचान को रिलेशनशिप, पैसे, करियर या सफलता जैसे बाहरी पहलुओं से जोड़ लेते हैं। अगर नौकरी अच्छी है तो हम खुद को सफल मानते हैं और नौकरी चली जाए तो खुद को असफल समझने लगते हैं। इसी तरह किसी रिश्ते के टूटने पर लगता है कि हमारी जिंदगी बिखर गई है। लेकिन ये सब हमारी जिंदगी के केवल कुछ हिस्से हैं, हमारी पूरी पहचान नहीं।

साध्वी कृष्णप्रिया जी समझाती हैं कि रिलेशनशिप, पैसा, करियर और सफलता इंसानों द्वारा दिए गए टैग हैं। ये आपकी पूरी जिंदगी नहीं हैं। अगर जीवन का कोई एक टैग गिर जाता है, तो इसका अर्थ यह नहीं है कि आप भी गिर गए।

फेलियर नहीं, एक अनुभव

अगर आप किसी काम में असफल हो गए हैं तो इसका मतलब यह नहीं कि आप खुद एक फेलियर हैं। असफलता केवल एक अनुभव है, जो आपको यह समझने का अवसर देती है कि कहां कमी रह गई और आगे क्या बेहतर किया जा सकता है। परिस्थिति बदल सकती है, परिणाम बदल सकते हैं, लेकिन आपकी क्षमता और सीखने की संभावना बनी रहती है। इसलिए किसी असफलता को अपनी स्थायी पहचान न बनाएं। खुद से यह कहें कि मैं असफल नहीं हूं, बल्कि मैंने एक ऐसी परिस्थिति का अनुभव किया है जिसमें मुझे कुछ नया सीखने का अवसर मिला है।

खुद को दें प्रयास करने का मौका

असफलता के बाद तुरंत हार मान लेने के बजाय खुद को थोड़ा समय दें। अपने अनुभव को समझें और यह जानने की कोशिश करें कि आखिर क्या हुआ। उस परिस्थिति में खुद को खोने के बजाय स्वयं को समझने का प्रयास करें। अगर पहली रणनीति काम नहीं आई, तो अपनी रणनीति बदलें। नए तरीके से प्रयास करें और अपनी गलतियों से सीखें। जरूरी नहीं कि सफलता पहली कोशिश में ही मिले। कई बार असफलता ही हमें उस रास्ते के लिए तैयार करती है, जिस पर आगे चलकर सफलता मिलती है।

समग्रता के साथ जिएं जीवन 

जीवन को किसी एक उपलब्धि, रिश्ते या असफलता के आधार पर नहीं देखना चाहिए। जीवन बहुत बड़ा है और इसमें सफलता-असफलता के अलावा भी बहुत कुछ है। इसलिए अपनी पहचान को किसी एक टैग तक सीमित न करें। अपने जीवन को उसकी पूरी समग्रता में स्वीकार करें। जो मिला, उससे सीखें; जो छूट गया, उसे स्वीकार करें और जो आगे आना है, उसके लिए फिर से प्रयास करें। याद रखें, एक असफलता आपके जीवन की कहानी का केवल एक अध्याय है, पूरी कहानी नहीं।

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कथावाचक साध्वी कृष्णप्रिया जी
जानिए गुरूजी के बारे मेंकथावाचक साध्वी कृष्णप्रिया जी

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