facebook pixel
विज्ञापन
Home  dharm  saint stories  acharya bharat ji maharaj told follow these steps to get rid of debt and sorrow

Acharya Bharat Ji Maharaj: कर्ज और दुःख से मुक्ति के लिए करें ये उपाय, आचार्य भरत जी महाराज ने बताया

जीवांजलि धर्म डेस्कPublished by:
आचार्य भरत जी महाराज
सार

Spiritual Healing: किसी भी मंत्र या पाठ का वास्तविक प्रभाव तभी मिलता है, जब उसे पूरी श्रद्धा, विश्वास और नियमितता के साथ किया जाए। केवल एक-दो दिन पाठ करने से अपेक्षित परिणाम नहीं मिलते।
 

Acharya Bharat Ji Maharaj
Debt Relief Remedies: जीवन में हर व्यक्ति कभी न कभी किसी न किसी परेशानी का सामना करता है। किसी पर कर्ज का बोझ होता है, कोई लंबे समय से बीमारी से परेशान रहता है, तो कोई मानसिक तनाव, पारिवारिक कलह या आर्थिक संकट से जूझता है। ऐसे समय में लोग ईश्वर की शरण में जाकर समाधान खोजते हैं। प्रसिद्ध कथा वाचक और मां बगलामुखी के साधक आचार्य भरत जी महाराज के अनुसार, मां दुर्गा की कृपा पाने का एक अत्यंत प्रभावशाली उपाय दुर्गा सप्तश्लोकी का नियमित पाठ है। उनका कहना है कि यदि कोई व्यक्ति पूरे दुर्गा सप्तशती का पाठ नहीं कर सकता, तो केवल दुर्गा सप्तश्लोकी का श्रद्धा और नियमपूर्वक पाठ करके भी वही शुभ फल प्राप्त कर सकता है।

आचार्य भरत जी बताते हैं कि दुर्गा सप्तश्लोकी सात विशेष श्लोकों का संग्रह है, जो पूरे दुर्गा सप्तशती का सार माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव ने माता पार्वती से पूछा था कि कलियुग में ऐसा कौन-सा सरल उपाय है, जिससे लोगों के सभी कार्य सिद्ध हो सकें और वे जीवन की कठिनाइयों से बाहर निकल सकें। तब माता ने इन सात श्लोकों का उपदेश दिया और कहा कि जो व्यक्ति श्रद्धा के साथ इनका पाठ करेगा, उसे धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष चारों पुरुषार्थों की प्राप्ति होगी।

नियमित पाठ से मिलने वाले लाभ

आचार्य भरत जी के अनुसार, दुर्गा सप्तश्लोकी का पाठ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि एक आध्यात्मिक साधना है। इसका नियमित जाप करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आने लगते हैं। आर्थिक तंगी, कर्ज, मानसिक तनाव, शत्रु बाधा, पारिवारिक समस्याएं और अनेक प्रकार की नकारात्मक परिस्थितियां धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं। उनका कहना है कि मां दुर्गा की कृपा से घर में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली का वास होता है तथा व्यक्ति का आत्मविश्वास भी बढ़ता है।

पाठ करने की सही विधि

आचार्य भरत जी बताते हैं कि इस पाठ को सुबह ब्रह्ममुहूर्त या शाम के समय करना सबसे उत्तम माना जाता है। साधक को लाल रंग के आसन पर बैठकर घी का दीपक जलाना चाहिए। इसके बाद "ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे" नवर्ण मंत्र की एक माला का जाप करें। फिर श्रद्धापूर्वक दुर्गा सप्तश्लोकी का कम से कम सात बार, या अपनी क्षमता अनुसार नौ अथवा ग्यारह बार पाठ करें। पाठ समाप्त होने के बाद फिर से नवर्ण मंत्र की एक माला का जाप करें, मां दुर्गा की आरती करें और उन्हें खीर, अनार, सेब या अन्य सात्विक प्रसाद अर्पित करें। गुड़हल के लाल फूलों से पूजा करना भी विशेष शुभ माना गया है।

मासिक धर्म के दौरान क्या करें?

महिलाओं के मन में अक्सर यह प्रश्न रहता है कि यदि किसी साधना के बीच मासिक धर्म आ जाए तो क्या करना चाहिए। इस पर आचार्य भरत जी स्पष्ट करते हैं कि यह शरीर की प्राकृतिक प्रक्रिया है। यदि कोई महिला 40 दिन या किसी निश्चित अवधि का पाठ कर रही है और बीच में मासिक धर्म आ जाता है, तो उन दिनों पाठ रोक देना चाहिए। इसके बाद शुद्धि के पश्चात वहीं से पाठ दोबारा शुरू किया जा सकता है। इससे साधना खंडित नहीं मानी जाती और मां दुर्गा की कृपा पहले की तरह बनी रहती है।

श्रद्धा और नियम सबसे महत्वपूर्ण

आचार्य भरत जी का कहना है कि किसी भी मंत्र या पाठ का वास्तविक प्रभाव तभी मिलता है, जब उसे पूरी श्रद्धा, विश्वास और नियमितता के साथ किया जाए। केवल एक-दो दिन पाठ करने से अपेक्षित परिणाम नहीं मिलते। यदि व्यक्ति नियमपूर्वक मां दुर्गा का स्मरण करता है और सात श्लोकों का नित्य पाठ करता है, तो उसके जीवन की अनेक बाधाएं दूर होने लगती हैं। उनका विश्वास है कि मां दुर्गा अपने भक्तों की रक्षा करती हैं और उन्हें सुख, समृद्धि तथा मानसिक शांति प्रदान करती हैं। इसलिए जो लोग समय के अभाव में पूरा दुर्गा सप्तशती पाठ नहीं कर पाते, वे दुर्गा सप्तश्लोकी को अपनी दैनिक साधना का हिस्सा बनाकर मां की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।

ये भी पढ़ें -  गुरु पूर्णिमा का क्या है महत्व, क्यों मनाया जाता है यह पावन पर्व? जानिए रहस्य

ये भी देखें

Rajan Ji Maharaj
श्री राजन जी महाराज
24 July 2026
Swami Raghavacharya Ji Maharaj
स्वामी श्री राघवाचार्य जी महाराज
23 July 2026
Swami Ashutoshanand Giri Ji Maharaj
स्वामी आशुतोषानंद गिरि जी महाराज
23 July 2026
Devi Maheshwari Ji
कथावाचक देवी माहेश्वरी जी (श्रीजी)
23 July 2026
Shyam Sundar Parashar Ji Maharaj
नीरज के. पटेल
21 July 2026

धार्मिक कहानियां सुनने और पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।

WhatsApp Channel