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Famous temple: मां कात्यायनी के इस मंदिर में हजारों किलोमीटर से दर्शन करने आते हैं भक्त, जानें क्या है इतिहास

जीवांजलिPublished by:
राघवेंद्र तिवारी
सार

Maa Katyayani Famous temple: हिंदू सभ्यता के अनुसार प्राचीन काल से ही चैत्र नवरात्रि का पर्व बहुत ही खास और पवित्र माना जाता है। लगभग हर गांव, शहर और राज्य में भक्त इस पावन पर्व को बड़ी धूमधाम से मनाते हैं। इस पावन पर्व के अवसर पर मां दुर्गा के सभी स्वरूपों की बड़े ही आदर के साथ पूजा की जाती है

Maa Katyayani Famous temple
Maa Katyayani Famous temple: हिंदू सभ्यता के अनुसार प्राचीन काल से ही चैत्र नवरात्रि का पर्व बहुत ही खास और पवित्र माना जाता है। लगभग हर गांव, शहर और राज्य में भक्त इस पावन पर्व को बड़ी धूमधाम से मनाते हैं। इस पावन पर्व के अवसर पर मां दुर्गा के सभी स्वरूपों की बड़े ही आदर के साथ पूजा की जाती है। चैत्र नवरात्रि के छठे दिन मां 'कात्यायनी' की विधि-विधान से पूजा की जाती है।

इस दिन सुबह से ही भक्त कात्यायनी मंदिर में दर्शन के लिए लाइन में लग जाते हैं और देर रात तक दर्शन के लिए आते रहते हैं। ऐसे में अगर आपसे पूछा जाए कि भारत के किस राज्य में मां कात्यायनी का प्रसिद्ध मंदिर मौजूद है तो आपका जवाब क्या हो सकता है? इस लेख में हम आपको प्रसिद्ध कात्यायनी मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जहां आप भी दर्शन के लिए आसानी से पहुंच सकते हैं। आइए जानते हैं। 

कहां स्थित है कात्यायनी मंदिर? 

कात्यायनी मंदिर का इतिहास और पौराणिक कथा जानने से पहले आइए जानते हैं कि भारत के किस राज्य में यह प्रसिद्ध मंदिर मौजूद है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मां कात्यायनी का पवित्र और प्रसिद्ध मंदिर भारत के किसी राज्य में नहीं बल्कि देश की राजधानी यानी दिल्ली शहर में मौजूद है।

जी हां, दुनिया के सबसे बड़े मंदिरों में शामिल छतरपुर मंदिर परिसर में मौजूद कात्यायनी मंदिर बेहद पवित्र और भव्य माना जाता है। नवरात्रि के दिनों में देश के कोने-कोने से भक्त माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

कात्यायनी मंदिर का इतिहास

अब तक आपको पता चल ही गया होगा कि यह मंदिर दिल्ली के छतरपुर परिसर में है। अगर इस मंदिर के इतिहास का जिक्र करें तो बताया जाता है कि इस पवित्र मंदिर की आधारशिला करीब 1974 में रखी गई थी। इसकी स्थापना कर्नाटक के संत बाबा नागपाल जी ने की थी। उस समय मंदिर सीमित जगह पर था, लेकिन आज छतरपुर मंदिर 70 एकड़ से भी ज्यादा क्षेत्र में फैला हुआ है।

भव्य है कात्यायनी माता मंदिर

जी हां, छतरपुर मंदिर परिसर में मौजूद कात्यायनी मंदिर बेहद भव्य है। यह पवित्र मंदिर सफेद संगमरमर से बना है। मंदिर की दीवारें और अन्य स्थान बहुत ही अनोखे तरीके से उकेरे गए हैं। कहा जाता है कि माता की मूर्ति उग्र रूप में है। माता के एक हाथ में चंड-मुंड का सिर और दूसरे में तलवार है। इसके अलावा तीसरे हाथ में तलवार है और चौथे हाथ में माता भक्तों को सुरक्षा देने की मुद्रा में हैं। 

मंदिर में चुनरी बांधना है बेहद खास 

कात्यायनी माता मंदिर में प्रवेश करते ही सामने एक बड़ा पेड़ है। कहा जाता है कि जो भी भक्त इस पेड़ पर धागे और चूड़ियों के साथ चुनरी बांधता है, उसकी मनोकामना पूरी होती है। इसलिए जो भी भक्त इस मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचता है, वह चुनरी जरूर बांधता है। आपको बता दें कि आप इस मंदिर में कभी भी दर्शन के लिए आ सकते हैं। हालांकि, यहां सबसे ज्यादा भीड़ नवरात्रि के दौरान होती है। देश के कोने-कोने से लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं। 

कैसे पहुंचें कात्यायनी मंदिर?

कात्यायनी मंदिर तक पहुंचना बेहद आसान है। जी हां, आप देश के किसी भी कोने से इस मंदिर तक पहुंच सकते हैं। इसके लिए आप हवाई यात्रा या ट्रेन के जरिए भी पहुंच सकते हैं। हवाई यात्रा - दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने के बाद आप स्थानीय टैक्सी या कैब लेकर पहुंच सकते हैं। एयरपोर्ट से यह मंदिर करीब 14 किलोमीटर दूर है। 

ट्रेन - दिल्ली के किसी भी रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर आप आसानी से इस मंदिर में दर्शन के लिए पहुंच सकते हैं। आप नई दिल्ली, आनंद विहार से मेट्रो लेकर भी इस मंदिर तक पहुंच सकते हैं। छतरपुर मेट्रो स्टेशन मंदिर के सबसे नजदीक है। आप यहां से पैदल भी पहुंच सकते हैं। इसके अलावा आप सड़क मार्ग से दिल्ली पहुंचकर भी मंदिर तक पहुंच सकते हैं।

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