Top 5 Durga Temples: भारत में कई दुर्गा माता के मंदिर हैं, जिनका पैराणिक महत्व भी है।
Top 5 Durga Temples: सनातन संस्कृति में दुर्गा माता आद्यशक्ति का स्वरूप हैं और उनके कई रूपों में पूजा की जाती है। माता दुर्गा के नौ प्रमुख स्वरूप हमारे शास्त्रों में वर्णित हैं और उनकी पूजा भी उन्हीं के स्वरूपों में की जाती है। माता दुर्गा के कई मंदिर हैं जहां पर उनके दर्शन मात्र से जातक के समस्त दुख खत्म हो जाते हैं। ऐसे ही माँ दुर्गा के 5 प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में इस लेख में बताने जा रहे हैं।
भारत के 5 सबसे प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर
1. वैष्णो देवी मंदिर, कटरा, जम्मू और कश्मीर
वैष्णो देवी मंदिर हिंदू धर्म का एक प्रमुख तीर्थस्थल है। मान्यता के अनुसार कहा जाता है कि यहां पर वैष्णो देवी माता गुफा में निवास करती हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार कहा जाता है कि माता वैष्णो देवी ने भैरवनाथ नाम के राक्षस का वध करने के लिए त्रिकुटा पर्वत पर तपस्या की थी। इस तपस्या के दौरान उन्होंने एक गुफा में शरण ली थी, जहां आज उनका मंदिर स्थित है और तब से ही यह मंदिर माता वैष्णो देवी के तपस्या स्थल के रूप में जाना जाता है। यहां कैसे पहुंचें- वैष्णों माता का मंदिर जम्मू-कश्मीर के कटरा में स्थित है। अधिकांश तीर्थयात्री कटरा तक ट्रेन से पहुंचते हैं। कटरा एक्सप्रेस ट्रेन इस मार्ग के लिए एक लोकप्रिय विकल्प है। बस और निजी टैक्सी द्वारा भी कटरा पहुंचा जा सकता है। कटरा से मंदिर तक लगभग 13 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी होती है। यह यात्रा आध्यात्मिक अनुभव के लिए जानी जाती है। समय की बचत के लिए कई लोग हेलीकॉप्टर सेवा का उपयोग करते हैं। इसके अलावा जो लोग यात्रा का अनुभव पैदल मार्ग से ही करना चाहते हैं वो लोग घोड़े की सवारी को भी चुन सकते हैं।
2. कालीघाट मंदिर, कोलकाता, पश्चिम बंगाल
कालीघाट मंदिर काली माता को समर्पित है और यह भारत के सबसे प्रसिद्ध शक्तिपीठों में से एक है। यह मंदिर 51 शक्तिपीठ में शामिल है, जहां माता सती के शरीर के कुछ अंग गिरे थे। कालीघाट मंदिर का इतिहास काफी पुराना है। माना जाता है कि यह मंदिर 18वीं शताब्दी में बना था। हालांकि, यहां देवी काली की पूजा प्राचीन काल से होती रही है। इस मंदिर का संबंध महाभारत काल से भी जोड़ा जाता है। कैसे पहुंचें यहां- यदि आप कालीघाट मंदिर के दर्शन करना चाहते हैं तो उसके लिए आपको सबसे पहले कोलकाता के हावड़ा रेलवे स्टेशन पहुंचना होगा। यदि आप हवाई यात्रा कर रहे हैं तो उसके लिए आपको कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा आना होगा। उसके बाद आप यहां से स्थानीय परिवहन का उपयोग कर सकते हैं।
3. मनसा देवी मंदिर, हरिद्वार, उत्तराखंड
मनसा देवी मंदिर दुर्गा माता के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। यह मंदिर उत्तराखंड के हरिद्वार में स्थित है, खास बात यह कि मनसा देवी मंदिर गंगा नदी के तट पर ही स्थित है और यह एक बहुत ही पवित्र तीर्थस्थल माना जाता है। माता मनसा देवी को सर्पों की देवी माना जाता है और उन्हें सांपों के विष से रक्षा करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है। मान्यताओं के अनुसार कहा जाता है कि मनसा देवी मंदिर में स्वयं माता का वास है और यहां आने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
यहां तक कैसे पहुंचें- यदि आप मनसा देवी माता के दर्शन करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको हरिद्वार रेलवे स्टेशन पहुंचना होगा। यदि आप हरिद्वार के आस पास रहते हैं तो आप बस का सहारा भी ले सकते हैं। यदि आप हवाई यात्रा का आनंद लेना चाहते हैं तो उसके लिए आपको पंतनगर हवाई अड्डे पर पहुंचना होगा और फिर आप वहां से हरिद्वार के लिए टैक्सी ले सकते हैं। हरिद्वार पहुंचने के बाद, आप ऑटो या टैक्सी से मंदिर तक जा सकते हैं। मंदिर तक पहुंचने के लिए आपको कुछ सीढ़ियां चढ़नी होंगी या फिर आप केबल कार का भी सहारा ले सकते हैं।
4. नैना देवी मंदिर, नैनीताल, उत्तराखंड
नैना देवी मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है। यह मंदिर माँ नैना देवी को समर्पित है, जिन्हें सती का अवतार माना जाता है। माना जाता है कि जब भगवान शिव माता सती के मृत शरीर को लेकर ब्रह्मांड में घूम रहे थे, तब माता सती के दो नेत्र नैनीताल में गिरे थे, जिस स्थान पर आज यह मंदिर बना हुआ है। नैनीताल का नाम भी माता नैना देवी के नाम पर ही पड़ा है। 'नैना' का अर्थ होता है 'आंख' और 'ताल' का अर्थ होता है 'तालाब'। इस मंदिर की मान्यता बहुत अधिक है। कहा जाता है कि मंदिर में दर्शन करने से नेत्र संबंधित समस्याएं दूर होती हैं। यहां तक कैसे पहुंचें- यदि आप नैना देवी माता के दर्शन करना चाहते हैं तो नैनीताल पहुंचने के लिए निकटतम हवाई अड्डा पंतनगर हवाई अड्डा है। यहां से आप टैक्सी या बस द्वारा नैनीताल पहुंच सकते हैं। यदि आप ट्रेन से आ रहे हैं तो आपको काठगोदाम रेलवे स्टेशन तक आना होगा फिर वहां से आप टैक्सी से सफर कर सकते हैं
5. कामाख्या मंदिर, गुवाहाटी, असम
कामाख्या मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है। यह मंदिर असम के गुवाहाटी शहर में नीलाचल पहाड़ी पर स्थित है और माता कामाख्या को समर्पित है। माता कामाख्या को तंत्र साधना की देवी माना जाता है और यह मंदिर तंत्र साधना के लिए प्रसिद्ध है। शास्त्रों के अनुसार, जब भगवान शिव माता सती के मृत शरीर को लेकर ब्रह्मांड का चक्कर लगा रहे थे, तब माता सती का योनि भाग यहां गिरा था। इसीलिए यहां योनिपीठ के रूप में उनकी पूजा की जाती है। मान्यता के अनुसार कहा जाता है इस मंदिर में भक्तों की समस्त मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।
यहां तक कैसे पहुंचें- कामाख्या मंदिर तक पहुंचने के लिए आप ट्रेन का उपयोग कर सकते हैं, जिसके लिए आपको गुवाहटी रेलवे स्टेशन तक पहुंचना होगा। यदि आप हवाई यात्रा करना चाहते हैं तो आपको गुवाहाटी लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे तक सफर करना होगा। इसके बाद आप यहां पर प्राइवेट टैक्सी से मंदिर पहुंच सकते हैं।
तो इस प्रकार से आप इन मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंच सकते हैं और माता का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।