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Pradosh Vrat 2025: आषाढ़ माह में कब- कब है प्रदोष व्रत , जानिए सही तिथि

जीवांजलि धर्म डेस्कPublished by:
कोमल
सार

Pradosh Vrat 2025: सनातन धर्म में आषाढ़ माह का विशेष महत्व है। इस माह में देवशयनी एकादशी मनाई जाती है। इस दिन से जगत के पालनहार भगवान विष्णु क्षीर सागर में विश्राम करने चले जाते हैं। इसके साथ ही कई अन्य प्रमुख व्रत और त्योहार मनाए जाते हैं।

Pradosh Vrat 2025
Pradosh Vrat 2025: सनातन धर्म में आषाढ़ माह का विशेष महत्व है। इस माह में देवशयनी एकादशी मनाई जाती है। इस दिन से जगत के पालनहार भगवान विष्णु क्षीर सागर में विश्राम करने चले जाते हैं। इसके साथ ही कई अन्य प्रमुख व्रत और त्योहार मनाए जाते हैं। वहीं, कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। यह व्रत त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। इस पावन अवसर पर भगवान शिव और माता पार्वती की भक्ति भाव से पूजा की जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आषाढ़ माह में प्रदोष व्रत कब है? आइए जानते हैं प्रदोष व्रत की तिथि और शुभ मुहूर्त-

प्रदोष व्रत 2025 तिथि और शुभ मुहूर्त ( Pradosh Vrat 2025 Date And Shubh Muhurt) 


वैदिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 23 जून को सुबह 01:21 बजे शुरू होगी। वहीं, त्रयोदशी तिथि 23 जून को रात 10:09 बजे समाप्त होगी। प्रदोष व्रत त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। इसलिए आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष का प्रदोष व्रत 23 जून को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान शिव की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 07:22 बजे से रात 09:23 बजे तक है। साधक अपनी सुविधानुसार भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर सकते हैं।

 

Pradosh Vrat 2025

प्रदोष व्रत 2025 तिथि और शुभ मुहूर्त  ( Pradosh Vrat 2025 Date And Shubh Muhurt) 


वैदिक पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 07 जुलाई को रात 11:10 बजे शुरू होगी। वहीं त्रयोदशी तिथि 09 जुलाई को दोपहर 12:38 बजे समाप्त होगी। इस प्रकार आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष का प्रदोष व्रत 08 जुलाई को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान शिव की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 07:22 बजे से रात 09:23 बजे तक है। साधक 08 जुलाई को व्रत रखकर देवों के देव महादेव की पूजा कर सकते हैं।

प्रदोष पर शिव पूजा का महत्व ( Pradosh Vrat Ka Mahatav) 


वैशाख शुक्ल त्रयोदशी को प्रदोष व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की भक्तिपूर्वक पूजा करने से व्यक्ति को जीवन में सभी प्रकार की शुभता प्राप्त होती है। यह व्रत उन लोगों के लिए विशेष फलदायी है जो अपने पारिवारिक जीवन में संतुलन, स्वास्थ्य, समृद्धि और मानसिक शांति की कामना करते हैं।
 

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