First Day of Navratri: शारदीय नवरात्र के पहले दिन मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां दक्षिण काली के चरणों में शीश नवाकर अपने परिवार की सुख-शांति और जीवन में सकारात्मकता की प्रार्थना की।
Maa Kali Darshan: नवरात्र के पहले दिन सिद्धपीठ दक्षिण काली मंदिर में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। मां दक्षिण काली के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। दिन चढ़ने के साथ ही मंदिर में भक्तों की भीड़ बढ़ती गई। मां के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मां काली का आशीर्वाद लिया और परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य एवं खुशहाली की कामना की।
सिद्धपीठ दक्षिण काली मंदिर सावन के बाद अब शारदीय नवरात्र में भी श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। निरंजनी पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज की विशेष साधना को लेकर भक्तों में खासा उत्साह है। नवरात्र के दौरान महाराज 16 दिनों तक विशेष तप-साधना करेंगे। इस दौरान मां काली की उपासना, पुष्पार्चन और विशेष हवन का आयोजन किया जाएगा।
साधना कार्यक्रम के शुरुआती नौ दिनों में मां काली का पुष्पार्चन किया जाएगा। इसके बाद विशेष हवन और तप-साधना का क्रम चलेगा। बताया गया है कि हवन के दौरान अग्निकुंड के समीप तापमान 80 से 110 डिग्री तक पहुंच सकता है। महाराज की इस कठिन साधना को लेकर श्रद्धालुओं के बीच विशेष उत्सुकता बनी हुई है।
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सावन में 27 घंटे से अधिक समय तक की थी साधना
स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज की साधना पहले भी श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय रही है। सावन के दौरान महाराज ने लगातार 27 घंटे 35 मिनट तक एक ही आसन पर बैठकर साधना की थी। उनकी इस साधना ने भक्तों का ध्यान आकर्षित किया था। मां काली के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा, समर्पण और तपस्या को देखने तथा उनके आध्यात्मिक अनुभवों से जुड़ने के लिए श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं।
मां काली के दर्शन कर भक्तों ने मांगी सुख-समृद्धि
नवरात्र के पहले दिन मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां दक्षिण काली के चरणों में शीश नवाकर अपने परिवार की सुख-शांति और जीवन में सकारात्मकता की प्रार्थना की। भक्तों ने मां से स्वास्थ्य, समृद्धि और जीवन की परेशानियों से मुक्ति का आशीर्वाद मांगा। मंदिर में पूजा-अर्चना और जयकारों के बीच पूरे दिन भक्तिमय वातावरण बना रहा। नवरात्र के पहले दिन उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने मां काली के प्रति लोगों की गहरी आस्था को दर्शाया। स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज की 16 दिवसीय साधना के चलते आने वाले दिनों में भी सिद्धपीठ दक्षिण काली मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है।