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Narasimha Dwadashi 2025: मार्च में कब है नरसिंह द्वादशी, जानें पूजा विधि, मुहूर्त व महत्व

जीवांजलिPublished by:
राघवेंद्र तिवारी
सार

Narasimha Dwadashi 2025: फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को भगवान विष्णु ने अपने भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए नरसिंह अवतार लिया था। इसलिए आज भी इस दिन नरसिंह द्वादशी का व्रत रखा जाता है।

Narasimha Dwadashi 2025
Narasimha Dwadashi 2025: फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को भगवान विष्णु ने अपने भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए नरसिंह अवतार लिया था। इसलिए आज भी इस दिन नरसिंह द्वादशी का व्रत रखा जाता है। होली से दो-तीन दिन पहले नरसिंह द्वादशी रखना बहुत ही शुभ और फलदायी माना जाता है। साल 2025 में नरसिंह द्वादशी कब है और इस दिन व्रत रखने से क्या लाभ मिलते हैं, आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

नरसिंह द्वादशी 2025

इस साल फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि 10 मार्च को सुबह 7:47 बजे शुरू होगी। द्वादशी तिथि 11 मार्च को रात 8:16 बजे समाप्त होगी। ऐसे में उदयातिथि की मान्यता के अनुसार 11 मार्च को नरसिंह द्वादशी का व्रत रखना शुभ माना जाएगा। आइए अब जानते हैं कि इस दिन आपको भगवान नरसिंह की पूजा कैसे करनी चाहिए। 

नरसिंह द्वादशी पूजा विधि

नरसिंह द्वादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान-ध्यान करके साफ कपड़े पहनने चाहिए। इस दिन पीले कपड़े पहनना शुभ माना जाता है। इसके बाद आपको पूजा स्थल पर भगवान नरसिंह की मूर्ति स्थापित करनी चाहिए। आपको पूजा में भगवान नरसिंह को फूल, फल और मिठाई अर्पित करनी चाहिए। आपको पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके भगवान नरसिंह की पूजा करनी चाहिए।

इसके बाद विधि-विधान से भगवान नरसिंह की पूजा करनी चाहिए। पूजा के दौरान आप भगवान विष्णु की आरती भी कर सकते हैं। पूजा पूरी होने के बाद भगवान को भोग लगाना चाहिए और प्रसाद को परिवार के सदस्यों में भी बांटना चाहिए।

नरसिंह द्वादशी व्रत का महत्व और लाभ

भगवान विष्णु को नरसिंह का चौथा अवतार माना जाता है। भगवान विष्णु ने भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए यह रूप धारण किया था। इस अवतार में भगवान का आधा शरीर सिंह का और आधा मनुष्य का था, इसलिए उन्हें भगवान नरसिंह कहा जाता है। मान्यताओं के अनुसार नरसिंह द्वादशी के दिन व्रत रखने से कई जन्मों के पाप धुल जाते हैं और भक्त को मोक्ष की प्राप्ति होती है।

इसके साथ ही व्यक्ति को जीवन भर दुखों और बाधाओं का सामना नहीं करना पड़ता है। हिंदू शास्त्रों के अनुसार नरसिंह द्वादशी के दिन व्रत रखने से ब्रह्म हत्या का पाप भी मिट जाता है। भगवान विष्णु के नरसिंह रूप की पूजा करने वाले भक्त की भगवान अपने भक्त प्रह्लाद के समान ही रक्षा करते हैं। सभी दुखों के निवारण के लिए नरसिंह द्वादशी का व्रत बहुत शुभ होता है।

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