Munga Gemstone : वैदिक ज्योतिष शास्त्र में रत्नों का बहुत ही ज्यादा विशेष महत्व है। बहुत सारे लोगों का मानना है कि रत्नों को धारण करने से सोई हुई किस्मत जाग जाती है। इसके साथ ही व्यक्ति के जीवन में आने वाली सभी परेशानियों से मुक्ति भी मिल जाती है।
Munga Gemstone : वैदिक ज्योतिष शास्त्र में रत्नों का बहुत ही ज्यादा विशेष महत्व है। बहुत सारे लोगों का मानना है कि रत्नों को धारण करने से सोई हुई किस्मत जाग जाती है। इसके साथ ही व्यक्ति के जीवन में आने वाली सभी परेशानियों से मुक्ति भी मिल जाती है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुल 84 प्रकार के रत्न होते हैं इन सभी रत्नों को ज्योतिष शास्त्र में विस्तार से विवरण किया गया है। प्रत्येक राशि और ग्रह के लिए अलग-अलग ज्योतिष शास्त्र में रत्न पहनने का नियम बताए गए हैं। रत्न धारण करते समय हमें बहुत सावधान रहना चाहिए। रत्न अच्छा होने पर अच्छे और खराब होने पर बुरे परिणाम देते हैं। ऐसा ही एक रत्न है मूंगा, जिसे पहनने से जीवन में ऊर्जा, साहस और पुलिस, सेना और संपत्ति के मामलों में लाभ मिलता है। आइए मूंगा रत्न के बारे में विस्तार से जानते हैं।
मूंगा रत्न क्या है
मूंगा समुद्र में पाया जाने वाला एक कीमती रत्न है। यह लाल, गुलाबी, नारंगी, गेरू, सिंदूरी और सफेद रंग में पाया जाता है। जन्म कुंडली में मंगल कमजोर होने पर उसे मजबूत करने के लिए मूंगा पहना जाता है। यह समुद्र की गहराई में पाई जाने वाली एक विशेष प्रकार की लकड़ी है।
इन लोगों को नहीं पहनना चाहिए मूंगा
इस अंक वाले लोग इसे पहन सकते हैं, जिन लोगों का अंक 9 है, यानी किसी भी महीने की 9, 18, 27 तारीख को जन्मे लोग मूंगा रत्न पहन सकते हैं।
साढ़ेसाती से बचने के लिए इसे पहनें
वर्ष 2025 का अंक 9 है। मेष राशि के जातकों पर साढ़ेसाती शुरू हो गई है। उन्हें शनि के दुष्प्रभावों से केवल मंगलदेव ही मुक्त कर सकते हैं। मेष राशि के लोगों को मूंगा रत्न पहनकर मंगल को मजबूत करना चाहिए। इससे उन्हें साढ़ेसाती के प्रभावों से राहत मिलेगी।