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Mahakumbh Amrit Snan 2025: मौनी अमावस्या के दिन इस अशुभ मुहूर्त में भूलकर न करें स्नान, नहीं मिलेगा फल

जीवांजलीPublished by:
राघवेंद्र तिवारी
सार

Mahakumbh Amrit Snan 2025: धार्मिक और ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, माघ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को मौनी अमावस्या कहते हैं। इस साल मौनी अमावस्या महाकुंभ में पड़ रही है। महाकुंभ में मौनी अमावस्या के दिन अमृत स्नान का भी दुर्लभ संयोग भी बन रहा है।

Mahakumbh Amrit Snan
Mahakumbh Amrit Snan 2025: वैदिक ज्योतिष शास्त्र के महाकुंभ का दूसरा शाही स्नान (अमृत स्नान) मौनी अमावस्या को है। मौनी अमावस्या के दिन स्नान और दान का बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण माना गया है। बता दें कि अमावस्या प्रत्येक माह में आती है लेकिन इसे अलग-अलग नामों से जाना जाता है। धार्मिक और ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, माघ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को मौनी अमावस्या कहते हैं। इस साल मौनी अमावस्या महाकुंभ में पड़ रही है। महाकुंभ में मौनी अमावस्या के दिन अमृत स्नान का भी दुर्लभ संयोग भी बन रहा है। तो आज इस खबर में जानेंगे महाकुंभ में मौनी अमावस्या पर किस अशुभ मुहूर्त में स्नान नहीं करना चाहिए और स्नान करने का शुभ मुहूर्त क्या है।

महाकुंभ में कब है दूसरा अमृत स्नान

भारत के उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 144 सालों बाद महाकुंभ का संयोग बना है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, महाकुंभ में मौनी अमावस्या के अवसर पर यान 29 जनवरी 2025 को दूसरा अमृत स्नान किया जाएगा। ज्योतिषियों के अनुसार, महाकुंभ में अमृत स्नान करने से व्यक्ति को सभी पापों से मिल जाती है। इसके साथ ही उसे मोक्ष की प्राप्ति भी मिलती है।

अमावस्या की शुभ तिथि व समय

वैदिक पंचांग के अनुसार, अमावस्या तिथि की शुरुआत 28 जनवरी 2025 को रात 7 बजकर 35 मिनट पर हो रही है और समाप्ति 29 जनवरी 2025 को शाम 6 बजकर 5 मिनट पर होगी। उदया तिथि के अनुसार, अमावस्या 29 जनवरी 2025 को मनाई जाएगी।

मौनी अमावस्या पर स्नान-दान का शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार, मौनी अमावस्या के दिन ब्रह्म मुहूर्त का समय सुबह के 5 बजकर 25 मिनट से लेकर सुबह के 6 बजकर 18 मिनट तक है। मौनी अमावस्या के दिन रात के समय सिद्धि योग भी बन रहा है। सिद्ध योग रात के 9 बजकर 22 मिनट पर बन रहा है।

मौनी अमावस्या के दिन इस अशुभ मुहूर्त में न करें स्नान

वैदिक पंचांग के अनुसार, मौनी अमावस्या के दिन राहु काल दोपहर के 12 बजकर 35 मिनट से लेकर 1 बजकर 56 मिनट तक रहने वाला है। ज्योतिषियों के अनुसार, राहु काल में किसी भी तरह का शुभ कार्य करना अच्छा नहीं माना गया है। इसलिए इस मुहूर्त में कोई भी श्रद्धालु महाकुंभ में अमृत स्नान नहीं कर सकते हैं। इस मुहूर्त में दान करना भी अशुभ माना गया है।

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